धनबाद में अवैध लॉटरी सिंडिकेट का भंडाफोड़, मुख्य आरोपी फरारBy Admin Sat, 01 August 2026 01:27 PM

धनबाद : झारखंड के धनबाद जिले के निरसा अनुमंडल अंतर्गत चिरकुंडा थाना क्षेत्र में पुलिस ने अवैध लॉटरी कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक गुप्त प्रिंटिंग यूनिट का पर्दाफाश किया है। बाबूडंगाल मोड़ स्थित बीसीसीएल के एक जर्जर दो मंजिला क्वार्टर में शुक्रवार देर रात छापेमारी कर पुलिस ने करोड़ों रुपये मूल्य की प्रतिबंधित लॉटरी टिकटें, हाईटेक प्रिंटिंग मशीनें और बड़ी मात्रा में प्रिंटिंग सामग्री बरामद की है।

पुलिस के अनुसार इस कार्रवाई का नेतृत्व एसडीपीओ लीलेश्वर महतो ने किया। गुप्त सूचना मिली थी कि उक्त भवन में बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित लॉटरी टिकटों की छपाई कर झारखंड और पड़ोसी राज्यों में सप्लाई की जा रही है। सूचना के आधार पर विशेष टीम गठित कर छापेमारी की गई।

छापेमारी के दौरान पुलिस के पहुंचते ही वहां मौजूद कई लोग मौके से फरार हो गए। हालांकि पुलिस ने एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मुख्य आरोपी अभी फरार है और उसकी तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो बड़े डिजिटल प्रिंटर, आठ छोटे प्रिंटर, दो कटर मशीन, प्रिंटिंग में इस्तेमाल होने वाले रंग, स्टीकर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, भारी मात्रा में कागज और प्रतिबंधित लॉटरी टिकटें बरामद की हैं। जब्त सामग्री को दो ट्रैक्टरों की मदद से चिरकुंडा थाना लाया गया।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस गुप्त यूनिट से तैयार की गई लॉटरी टिकटें जामताड़ा, दुमका, पाकुड़, साहिबगंज, बोकारो, रांची समेत झारखंड के कई जिलों और पश्चिम बंगाल के आसनसोल, दुर्गापुर तथा वर्धमान तक भेजी जाती थीं। पुलिस को आशंका है कि बिहार में भी इसी नेटवर्क के जरिए अवैध लॉटरी की सप्लाई की जा रही थी।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार बरामद प्रतिबंधित लॉटरी टिकटों की अनुमानित बाजार कीमत करीब डेढ़ से दो करोड़ रुपये है। कई प्रतिबंधित कंपनियों के टिकट भी जब्त किए गए हैं। अब पुलिस इस पूरे सिंडिकेट, इसके आर्थिक लेन-देन, सप्लाई चेन और इससे जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी हुई है।

चिरकुंडा पुलिस ने मामले में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है। पुलिस का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर इस अवैध कारोबार से जुड़े कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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