RIMS में बनेगा झारखंड का पहला ह्यूमन मिल्क बैंकBy Admin Sat, 01 August 2026 01:39 PM

रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) जल्द ही झारखंड का पहला सरकारी अस्पताल बनने जा रहा है, जहां ह्यूमन मिल्क बैंक (Human Milk Bank) की सुविधा उपलब्ध होगी। इस पहल से समय से पहले जन्म लेने वाले (प्रीमैच्योर), कम वजन वाले और गंभीर रूप से बीमार नवजात शिशुओं को जीवनरक्षक मां का दूध उपलब्ध कराया जा सकेगा। विश्व स्तनपान सप्ताह से पहले रोटरी क्लब ऑफ रांची ने रिम्स को 46.57 लाख रुपये की सहायता का प्रस्ताव सौंपा है, जिसे रिम्स प्रबंधन ने स्वीकार कर लिया है।

रोटरी क्लब देगा 46.57 लाख रुपये की सहायता

रोटरी क्लब ऑफ रांची द्वारा कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत रिम्स में 'कॉम्प्रिहेंसिव लैक्टेशन मैनेजमेंट सेंटर' स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना के तहत आधुनिक मशीनें, दूध संग्रहण और सुरक्षित भंडारण की पूरी व्यवस्था विकसित की जाएगी। रिम्स निदेशक डॉ. डी.के. सिन्हा ने संबंधित विभाग को आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश भी दे दिए हैं।

किन नवजातों को मिलेगा सबसे बड़ा लाभ?

ह्यूमन मिल्क बैंक की सुविधा उन बच्चों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगी, जिनकी माताएं किसी चिकित्सकीय कारण से स्तनपान कराने में सक्षम नहीं हैं। इससे विशेष रूप से:

  • समय से पहले जन्मे (Preterm) नवजात
  • कम वजन वाले शिशु
  • गंभीर रूप से बीमार नवजात
  • एनआईसीयू (NICU) में भर्ती बच्चों

को सुरक्षित और पाश्चुरीकृत मां का दूध उपलब्ध कराया जाएगा।

राष्ट्रीय गाइडलाइन के अनुसार होगा संचालन

यह मिल्क बैंक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की वर्ष 2017 की लैक्टेशन मैनेजमेंट सेंटर राष्ट्रीय गाइडलाइन के अनुसार संचालित होगा। दान की गई मां के दूध को वैज्ञानिक प्रक्रिया से पाश्चुरीकृत कर सुरक्षित रखा जाएगा और जरूरतमंद नवजातों को उपलब्ध कराया जाएगा।

इन आधुनिक उपकरणों से लैस होगा सेंटर

46.57 लाख रुपये की लागत से बनने वाले इस सेंटर में ऑटोमेटेड ह्यूमन मिल्क पाश्चराइजर, हॉस्पिटल ग्रेड इलेक्ट्रिक ब्रेस्ट पंप, कंगारू मदर केयर चेयर, लैमिनार एयर फ्लो कैबिनेट, डीप फ्रीजर, ऑटोक्लेव, हॉट एयर ओवन, बारकोड लेबलिंग सिस्टम, कंप्यूटराइज्ड रिकॉर्ड सिस्टम और मिल्क स्टोरेज कंटेनर जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं स्थापित की जाएंगी।

झारखंड के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि

अब तक झारखंड के सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले कई कमजोर और प्रीमैच्योर नवजात इस महत्वपूर्ण सुविधा से वंचित थे। रिम्स में ह्यूमन मिल्क बैंक शुरू होने के बाद राज्य के हजारों नवजातों को बेहतर पोषण और संक्रमण से सुरक्षा मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल नवजात मृत्यु दर कम करने और शिशु स्वास्थ्य को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

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