

RANCHI: JPSC-JSCC परीक्षाओं में भ्रष्टाचार को लेकर पिछले 10 दिनों से राज्य के छात्र आंदोलनरत हैं। सरकार ने छात्रों के आंदोलन को गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद इसको लेकर काफी गंभीर हैं और सोमवार को बेंगलुरू से रांची लौटे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर सरकार ने एक उच्चस्तरीय कमेटी के गठन पर विचार शुरू कर दी है, जो छात्रों के साथ बातचीत करेगी। उनकी मांगों से अवगत होगी। आश्वासन के साथ उनके आंदोलन को समाप्त कराने की कोशिश करेगी। विश्वस्त सूत्रों में इस कमेटी में कैबिनेट सह गृह एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अपर मुख्य सचिव के अलावा कुछ अन्य वरीय आईएएस अधिकारी, मंत्री और राजनीतिक दलों के नेताओं को रखने पर विचार किया जा रहा है। सरकार की मंशा है कि आंदोलन के उग्र रूप लेने से पहले छात्रों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का भरोसा दिलाया जाए।
मालूम हो कि 14 वीं जेपीएससी की पीटी परीक्षा में धांधली को लेकर छात्रों ने अनिश्चितकालीन आंदोलन की शुरुआत कर दी है। जयपाल सिंह स्टेडियम में राज्य के विभिन्न जिलों से छात्र एकत्रित हो रहे हैं। रविवार को मशाल जुलूस निकालने से पहले छात्रों ने अलबर्ट एक्का चौक को जाम किया था। छात्रों की मांग को देखते हुए अब भाजपा, कांग्रेस, झामुमो, माले, राजद के अलावा अन्य दलों का भी समर्थन प्राप्त होने लगा है। इससे छात्रों को बल मिलने लगा है। इसे सरकार ने गंभीरता से लिया है। मालूम हो कि 6 अगस्त से झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र शुरू हो रहा है। जाहिर है कि छात्रों के आंदोलन को विभिन्न राजनीतिक दलों के द्वारा सदन में सरकार को घेरने का प्रयास किया जाएगा। जानकारी के अनुसार सरकार चाहती है कि सत्र शुरू होने से पहले छात्रों के साथ सकारात्मक बातचीत कर समाधान का रास्ता निकाल जाए।
