SIR के बाद झारखंड की प्रारूप मतदाता सूची से 43.62 लाख नाम हटे, 4 सितंबर तक दावा-आपत्ति का मौकाBy Admin Wed, 05 August 2026 05:09 PM









रांची: झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) के तहत जारी प्रारूप मतदाता सूची में 43,61,987 मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। निर्वाचन आयोग द्वारा 5 अगस्त को प्रकाशित ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के अनुसार, SIR से पहले राज्य में 2,64,63,236 मतदाता थे, जबकि अब प्रारूप मतदाता सूची में 2,21,01,249 मतदाता शामिल हैं।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि प्रारूप सूची के प्रकाशन के साथ ही 5 अगस्त से 4 सितंबर 2026 तक दावा एवं आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया गया है। इस अवधि में जिन पात्र भारतीय नागरिकों का नाम सूची में शामिल नहीं है, वे फॉर्म-6 भरकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन कर सकते हैं। सभी दावों एवं आपत्तियों का निस्तारण 3 अक्टूबर तक किया जाएगा और 7 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी।

प्रारूप मतदाता सूची के अनुसार राज्य में 1,12,06,755 पुरुष, 1,08,94,234 महिला तथा 260 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।

ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से उपलब्ध है सूची

निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं की सुविधा के लिए प्रारूप मतदाता सूची और ASDD (Absent, Shifted, Dead and Duplicate) सूची को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से उपलब्ध कराया है। मतदाता ECINET मोबाइल ऐप, Voters' Service Portal, तथा CEO झारखंड की वेबसाइट पर जाकर अपना नाम देख सकते हैं। इसके अलावा प्रत्येक मतदान केंद्र, पंचायत कार्यालय, नगर निकाय कार्यालय तथा ईआरओ और एईआरओ कार्यालयों में भी सूची की मुद्रित प्रतियां उपलब्ध हैं।

ASDD सूची में मतदाता यह भी देख सकेंगे कि किसी नाम को सूची में शामिल न किए जाने या चिन्हित किए जाने का कारण क्या है।

18 वर्ष पूर्ण करने वाले युवाओं पर विशेष फोकस

निर्वाचन आयोग ने कहा है कि 1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले सभी पात्र भारतीय नागरिकों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना इस विशेष पुनरीक्षण अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। इसके अलावा जिन पात्र नागरिकों का नाम किसी कारणवश प्रारूप सूची में शामिल नहीं हो पाया है या जिन्होंने गणना प्रपत्र (EF) जमा नहीं किया था, वे भी फॉर्म-6 के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

यदि कोई मतदाता किसी अन्य राज्य से झारखंड में अपना नाम स्थानांतरित कराना चाहता है, तो वह फॉर्म-8 के साथ निर्धारित घोषणा-पत्र जमा कर आवेदन कर सकता है।

सुनवाई के बाद होगा अंतिम फैसला

निर्वाचन आयोग के अनुसार, जिन मामलों में मतदाता की पात्रता संदिग्ध होगी या आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं होंगे, उन्हें नोटिस जारी कर सुनवाई की जाएगी। इसके बाद ईआरओ और एईआरओ द्वारा सभी मामलों में सकारण (स्पीकिंग) आदेश पारित किए जाएंगे।

2,389 नए मतदान केंद्र, कुल संख्या बढ़कर 31,892

विशेष गहन पुनरीक्षण के साथ-साथ मतदान केंद्रों का भी व्यापक युक्तिकरण (रैशनलाइजेशन) किया गया है। राज्य के 24 जिलों और 81 विधानसभा क्षेत्रों में पहले 29,571 मतदान केंद्र थे। इस प्रक्रिया के दौरान 2,389 नए मतदान केंद्रों को मंजूरी दी गई, जिनमें 1,248 मौजूदा स्थानों पर और 1,141 नए स्थानों पर स्थापित किए गए हैं। वहीं 68 मतदान केंद्रों का विलय किया गया। इसके बाद राज्य में मतदान केंद्रों की कुल संख्या बढ़कर 31,892 हो गई है।

निर्वाचन आयोग का कहना है कि यह मतदाता-केंद्रित पहल मतदान केंद्रों को लोगों के और अधिक निकट लाने, अंतिम छोर तक निर्वाचन सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने तथा मतदान प्रक्रिया को अधिक सुगम और व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

#NewVoters अभियान भी शुरू

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने 5 अगस्त को #NewVoters सोशल मीडिया अभियान भी शुरू किया है। इसके माध्यम से युवाओं और पात्र नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपना नाम मतदाता सूची में अवश्य जांचें, जरूरत पड़ने पर आवेदन करें और अन्य लोगों को भी मतदाता सूची में नाम जुड़वाने एवं त्रुटियों के सुधार के लिए जागरूक करें।

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