





Ranchi: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पेपर लीक मामले को लेकर कहा कि यह अब केवल झारखंड का नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर का मुद्दा बन चुका है. उन्होंने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि देश के कई अन्य राज्यों में भी इस तरह की घटनाएं हुई हैं, लेकिन वहां अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है. मुख्यमंत्री ने बताया कि इस पूरे मामले को लेकर उन्होंने राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मुलाकात कर झारखंड की वर्तमान स्थिति से उन्हें अवगत कराया है. उन्होंने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो वह इस मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री से भी बातचीत करेंगे.हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार इस मामले को पूरी गंभीरता से देख रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं और हर पक्ष की बात सुनी जाएगी. मुख्यमंत्री ने बयान जारी कर कहा कि मौजूदा हालात से राज्यपाल को अवगत करा दिया गया है। उनके मुताबिक जांच जारी है, कुछ गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और एजेंसियां सक्रिय हैं। लेकिन इन बयानों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह कार्रवाई समाधान की दिशा है, या सिर्फ हालात को संभालने की कोशिश? छात्रों से सीधे संवाद को लेकर मुख्यमंत्री का रुख अब भी स्पष्ट नहीं दिखता। उन्होंने कहा कि सरकार के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं और छात्रों की मांगें लगातार पहुंच रही हैं। लेकिन बातचीत की पहल कौन करेगा, इस पर चुप्पी बनी हुई है। यही वह बिंदु है, जहां सरकार की रणनीति सवालों के घेरे में आती है।
