





झारखंड में JPSC-JSSC भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच एक अहम अपडेट सामने आई है। JPSC-JSSC Reform Manch ने सरकार के साथ प्रस्तावित वार्ता के लिए अपने प्रतिनिधिमंडल की आधिकारिक सूची जारी कर दी है। मंच ने स्पष्ट किया है कि बैठक के दौरान सभी मांगों, तथ्यों और आंदोलन से जुड़े मुद्दों को केवल छात्र प्रतिनिधि ही सरकार के समक्ष रखेंगे। वहीं पत्रकार और कानूनविद केवल अभिभावक एवं मार्गदर्शक की भूमिका में मौजूद रहेंगे।
जारी सूची के अनुसार छात्र प्रतिनिधिमंडल में रविन्द्र पासवान, पीयूष कुमार सिंह, रविन्द्र कुमार रवि, राजेश प्रसाद, नीतू कुजूर, कार्तिक सोरेन, संदीप कुमार और शालू सिंह को शामिल किया गया है। यह सभी प्रतिनिधि आंदोलनरत छात्रों की ओर से सरकार के सामने अपनी मांगों और सुझावों को विस्तार से रखेंगे।
मंच की ओर से दो वरिष्ठ पत्रकारों को भी प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा बनाया गया है। इनमें शंभूनाथ चौधरी और विकास वर्मा शामिल हैं, जो अभिभावक और मार्गदर्शक की भूमिका निभाएंगे। इसके अलावा वरिष्ठ कानूनविद अजीत कुमार भी वार्ता में मौजूद रहेंगे, ताकि कानूनी पहलुओं पर आवश्यक मार्गदर्शन दिया जा सके।

JPSC-JSSC Reform Manch का कहना है कि वार्ता का उद्देश्य केवल आंदोलन समाप्त करना नहीं, बल्कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्ष जांच और अभ्यर्थियों की मांगों पर ठोस समाधान सुनिश्चित करना है। मंच ने उम्मीद जताई है कि सरकार सकारात्मक पहल करते हुए छात्रों की बात गंभीरता से सुनेगी और भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़े विवादों का स्थायी समाधान निकालेगी।
गौरतलब है कि पिछले कई दिनों से रांची में छात्र आंदोलन जारी है। आंदोलनकारी अभ्यर्थी JPSC और JSSC भर्ती प्रक्रियाओं में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और पारदर्शी भर्ती व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। सरकार की ओर से वार्ता की पहल के बाद अब सभी की नजर इस बैठक पर टिकी हुई है। माना जा रहा है कि यदि बातचीत सकारात्मक रही, तो लंबे समय से जारी आंदोलन के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हो सकती है।