
हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में लोगों की उत्सुकता बढ़ा दी है। टाटीझरिया प्रखंड के अमनारी गांव में गुरुवार रात लगातार हो रही बारिश के बीच वर्षों से खाली पड़े एक पुराने मकान की दीवार अचानक ढह गई। लेकिन दीवार गिरने के बाद मलबा हटाते समय जो सामने आया, उसे देखकर परिवार के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण भी हैरान रह गए।
जानकारी के अनुसार, अमनारी गांव में एक संयुक्त परिवार का काफी पुराना मिट्टी का मकान है। लगातार बारिश के कारण मकान की एक दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। परिवार के लोग जब मलबा हटाने लगे, तभी दीवार के भीतर चुनवाकर रखा गया मिट्टी का एक बड़ा गगरा नीचे गिरकर टूट गया। गगरा टूटते ही उसके अंदर रखे चांदी के सिक्के आंगन में चारों तरफ बिखर गए।
घटना की खबर देखते ही देखते आसपास के इलाकों में फैल गई। इसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण और आसपास के गांवों के लोग मौके पर पहुंच गए। हर कोई दीवार के भीतर वर्षों से छिपाकर रखे गए इन चांदी के सिक्कों को देखने के लिए उत्सुक नजर आया।
परिवार और ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने अभी तक इन सिक्कों को छुआ नहीं है। जिस स्थिति में सिक्के दीवार गिरने के बाद मिले, उन्हें उसी स्थिति में रखा गया है। परिवार का कहना है कि पहले भी इस घर में कुछ अनहोनी की घटनाएं हो चुकी हैं, इसलिए वे फिलहाल सिक्कों को हाथ लगाने से बच रहे हैं। इसी वजह से गांव में तरह-तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं।
परिवार के सदस्यों का यह भी दावा है कि पुराने मकान की दीवारों के भीतर तीन-चार अन्य स्थानों पर चांदी के सिक्कों से भरे गगरे और आभूषण छिपे होने की जानकारी पूर्वजों से चली आ रही है। हालांकि, इन्हें कभी निकालने की कोशिश नहीं की गई।
ग्रामीणों का मानना है कि यह गगरा कई दशक पहले परिवार के पूर्वजों ने सुरक्षा के लिए दीवार के भीतर छिपाया होगा। पुराने समय में बैंकिंग व्यवस्था सीमित होने और चोरी-डकैती के डर से लोग अपने चांदी के सिक्के, आभूषण और अन्य कीमती सामान मिट्टी के बर्तनों में रखकर जमीन या दीवारों के भीतर सुरक्षित कर देते थे।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि बरामद सिक्के कितने पुराने हैं, उनकी संख्या कितनी है और उनका वास्तविक ऐतिहासिक या आर्थिक मूल्य क्या है। समाचार लिखे जाने तक सिक्के उसी स्थिति में पड़े थे, जिस स्थिति में दीवार गिरने के बाद मिले थे। ग्रामीणों के बीच यह घटना पूर्वजों की धरोहर और पुराने खजाने के रूप में चर्चा का विषय बनी हुई है।