





झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच शुक्रवार को राज्य सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के बीच स्टेट गेस्ट हाउस में हुई अहम बैठक बिना किसी ठोस सहमति के समाप्त हो गई। करीब डेढ़ घंटे तक चली इस वार्ता के बाद छात्र प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि उनकी प्रमुख मांगों पर सरकार के साथ सहमति नहीं बन सकी है, इसलिए आंदोलन फिलहाल जारी रहेगा।
शाम करीब 7:45 बजे छात्र प्रतिनिधिमंडल स्टेट गेस्ट हाउस पहुंचा, जबकि सरकार की ओर से मंत्री दीपिका पांडे सिंह, सुदिव्य कुमार सोनू, चमरा लिंडा, संजय यादव और अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह बैठक में शामिल हुए। दोनों पक्षों के बीच रात लगभग 9:25 बजे तक विस्तृत चर्चा चली।
बैठक में छात्रों के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने सरकार के सामने अपना मांग पत्र रखा। छात्रों ने 14वीं JPSC परीक्षा के प्रारंभिक (PT) परिणाम को तत्काल रद्द करने की मांग दोहराई। उनका आरोप है कि परीक्षा में कदाचार और गंभीर अनियमितताओं के मामले सामने आए हैं। इसके अलावा जिन अन्य भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोप लगे हैं, उन्हें भी रद्द कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई।
छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि सरकार के साथ बातचीत सकारात्मक माहौल में हुई, लेकिन उनकी मुख्य मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। ऐसे में आंदोलन वापस लेने का फिलहाल कोई सवाल नहीं है और प्रदर्शन आगे भी जारी रहेगा।
वहीं सरकार की ओर से कहा गया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर पूरे मामले की जांच CID द्वारा निष्पक्ष और सख्ती से की जा रही है। सरकार का कहना है कि जांच के दौरान कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और कार्रवाई लगातार जारी है। मंत्रियों ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि उनकी सभी मांगों और सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा तथा आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।
सरकार ने छात्रों से आंदोलन समाप्त करने की अपील करते हुए कहा कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर संवेदनशील है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। हालांकि छात्र प्रतिनिधियों ने स्पष्ट कर दिया कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
अब इस वार्ता के बाद सभी की नजर सरकार के अगले कदम और आंदोलन की आगामी रणनीति पर टिकी हुई है। यदि जल्द कोई समाधान नहीं निकलता है, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
