




रांची: झारखंड में JPSC-JSSC नियुक्ति विवाद को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच बातचीत का दौर लगातार जारी है। रविवार को मोरहाबादी स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में सरकार के चार मंत्रियों के प्रतिनिधिमंडल ने छात्रों के दोनों गुटों के साथ तीसरे दौर की वार्ता शुरू की। इस बैठक को आंदोलन के समाधान की दिशा में बेहद अहम माना जा रहा है। सरकार की ओर से वार्ता में दीपिका पांडेय सिंह, संजय यादव, सुदिव्य सोनू और चमरा लिंडा शामिल हैं। वहीं, छात्रों के पहले गुट से कुल सात छात्र प्रतिनिधि बातचीत के लिए पहुंचे हैं, जबकि देवेंद्र नाथ महतो गुट से छह छात्र प्रतिनिधि बैठक में शामिल हुए हैं।
दोनों छात्र दलों को SDM और CO अपनी गाड़ियों से लेकर स्टेट गेस्ट हाउस पहुंचे, जिसके बाद बातचीत की प्रक्रिया शुरू हुई। खास बात यह है कि पिछले 48 घंटे के भीतर सरकार की ओर से छात्रों के साथ यह तीसरी वार्ता है। वहीं 24 घंटे के भीतर सरकार दूसरी बार आंदोलनकारी छात्रों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत कर रही है।
इससे पहले शुक्रवार रात करीब 7 बजे सरकार की ओर से छात्रों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया गया था। यह बैठक लगभग डेढ़ घंटे चली थी। हालांकि, वार्ता के बाद छात्रों ने साफ कर दिया था कि बातचीत के बावजूद उनका आंदोलन जारी रहेगा। दूसरे छात्र गुट के साथ हुई वार्ता करीब एक घंटे चली थी। इसके अलावा सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने तीन अन्य छात्र दलों से भी मुलाकात की थी।
शनिवार को भी सरकार और छात्रों के बीच दूसरे दौर की बातचीत हुई थी। इस बैठक में सरकार की ओर से छात्रों की मांगों को सुना गया और आंदोलन समाप्त या स्थगित करने की अपील की गई थी। लेकिन छात्रों और सरकार के बीच किसी ठोस मुद्दे पर सहमति नहीं बन सकी थी।
छात्रों की सबसे बड़ी मांग पूरी परीक्षा को रद्द करने की है। आंदोलनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक इस मांग पर सरकार स्पष्ट निर्णय नहीं लेती, तब तक उनका धरना और आंदोलन जारी रहेगा। छात्रों ने 10 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा घेराव को भी जारी रखने की घोषणा की है। अब रविवार की इस तीसरे दौर की वार्ता पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। सरकार लगातार अलग-अलग छात्र गुटों और संगठनों से बातचीत कर रही है। इसी क्रम में AISA प्रतिनिधिमंडल से भी सरकार की बातचीत प्रस्तावित है।
लगातार हो रही बैठकों से यह संकेत जरूर मिल रहा है कि सरकार इस विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाने की कोशिश कर रही है। लेकिन असली चुनौती छात्रों की मुख्य मांगों पर सहमति बनाने की है। ऐसे में सवाल यही है कि क्या तीसरे दौर की बातचीत से JPSC-JSSC आंदोलन का गतिरोध टूटेगा या छात्र अपनी मांगों पर कायम रहेंगे? फिलहाल स्टेट गेस्ट हाउस में बातचीत जारी है और बैठक के नतीजे पर पूरे झारखंड के अभ्यर्थियों की नजर बनी हुई है।



