




Ranchi: JPSC-JSSC परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के विरोध में विधानसभा घेराव करने पहुंचे छात्रों का आंदोलन लगातार आगे बढ़ रहा है. ताजा अपडेट के मुताबिक प्रदर्शनकारी छात्रों ने आठवीं बैरिकेडिंग भी तोड़ दी है और अब विधानसभा की ओर आगे बढ़ रहे हैं. छात्रों को विधानसभा की ओर बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का प्रयोग किया है. पुलिस और प्रशासन की ओर से छात्रों को आगे नहीं बढ़ने की अपील की जा रही है. मौके पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है और प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है. आठवीं बैरिकेडिंग पार करने के बाद छात्रों का बड़ा समूह अब अलग-अलग टुकड़ों में बंट गया है. कुछ छात्र आगे बढ़ने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि पुलिस उन्हें रोकने की कोशिश कर रही है. मौके पर पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.
छात्रों को आगे बढ़ने से रोकने के साथ ही उन्हें शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने की अपील की जा रही है. प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर ड्रोन कैमरों के माध्यम से भी नजर रखी जा रही है.JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का महा-आंदोलन आज निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है. 24 जिलों से आया छात्रों का हुजुम हाथों में तिरंगा, पोस्टर और बैनर लिए नए विधानसभा की ओर निकल गया है. इस बीच जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मार्च के प्रतिनिधिमंडल ने छात्रों ने शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने की अपील की है. रिफॉर्म मंच की ओर से बार-बार शांति पूर्वक धरना देने का अपील की जा रही है. छात्रों की भीड़ कच्चे रास्ते से होकर जगन्नाथ मंदिर तक पहुंच गये हैं. पुलिस की बैरिकेडिंग को बिना पार किए कच्चे रास्ते और पहाड़ के रास्ते होकर छात्र विधानसभा की तरफ बढ़ रहे हैं.
प्रशासन ने भी रिफॉर्म मार्च के प्रतिनिधिमंडल से विधानसभा की तरफ नहीं बढ़ने का आग्रह किया है. रिफॉर्म मार्च के प्रतिनिधिमंडल छात्रों को रोकने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन भीड़ को कंट्रोल करना मुश्किल हो गया है. वहीं भूख हड़ताल कर रहे देवेंद्रनाथ महतो भी पालकी में बैठकर धरना स्थल पर पहुंचे हैं.



प्रतिनिधिमंडल ने छात्रों से कहा कि अगर भीड़ में कोई असामाजिक तत्व के लोग हैं, तो उन्हें उनकी जानकारी दें. उन्होंने कहा कि असामाजिक तत्वों को पुलिस को सौंप दिया जाएगा. प्रतिनिधिमंडल ने छात्रों को यह भी बताया कि मार्च जगन्नाथपुर मंदिर तक जाएगी और वहां धरना दिया जाएगा. बता दें कि इस आंदोलन की सबसे बड़ी वजह सरकार और छात्रों के बीच हुई वार्ता का बेनतीजा रहना है.
पिछले दिनों सरकार के साथ तीन दौर की बातचीत हुई, जिसमें परीक्षा रद्द करने, कथित अनियमितताओं की जांच और परीक्षा व्यवस्था में सुधार समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई.छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा. पुराने विधानसभा के पास छात्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है और अब नजर नए विधानसभा भवन की ओर होने वाले मार्च पर है.

