जेएसएससी जेई परीक्षा पेपर लीक मामले में परीक्षा एजेंसी का निदेशक गिरफ्तारBy Admin Tue, 11 August 2026 03:04 PM

रांची: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की ओर से वर्ष 2022 में आयोजित कनीय अभियंता (डिप्लोमा) प्रतियोगी परीक्षा के पेपर लीक मामले में एसआईटी को बड़ी सफलता मिली है। परीक्षा संचालन एजेंसी के वांछित संचालक सह निदेशक अरुण कुमार को मुंबई से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार करने के बाद 10 अगस्त 2026 को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
जेएसएससी की ओर से 3 जुलाई 2022 को कनीय अभियंता (डिप्लोमा) के 1279 पदों के लिए प्रतियोगी परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा की पहली पाली शुरू होने से पहले ही उत्तरमाला वायरल होने और प्रश्नपत्र लीक होने की जानकारी सामने आई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जेएसएससी ने परीक्षा को रद्द कर दिया था।

इस संबंध में अभ्यर्थी मिथलेश कुमार महतो के लिखित आवेदन के आधार पर नामकुम थाना कांड संख्या 227/22, दिनांक 14 जुलाई 2022 को दर्ज किया गया था। मामले में धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक षड्यंत्र, आईटी एक्ट और बिहार परीक्षा संचालन अधिनियम की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया। मामले के उद्भेदन और बेहतर अनुसंधान के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था।

जांच के दौरान पुलिस ने पेपर लीक की घटना की पुष्टि की। अनुसंधान में सामने आया कि परीक्षा का संचालन नई दिल्ली की Bynsis Technology Pvt. Ltd. नामक एजेंसी द्वारा किया गया था। पुलिस के अनुसार, पेपर लीक सिंडिकेट के माध्यम से पटना में अभ्यर्थियों को प्रश्नों और उत्तरों को रटवाया गया था। जांच में परीक्षा संचालन एजेंसी और उसके संचालक की कथित संलिप्तता के साक्ष्य भी मिलने की बात पुलिस ने कही है।

मामले में इससे पहले परीक्षार्थी सह प्राथमिक अभियुक्त रंजीत मंडल, सिंडिकेट से जुड़े दीपक कुमार, अभिषेक कुमार और दीपक श्रीवास्तव तथा परीक्षा संचालन एजेंसी के सीनियर मैनेजर कृष्ण कुमार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।

एसआईटी ने अब परीक्षा संचालन एजेंसी के वांछित संचालक सह निदेशक अरुण कुमार को मुंबई से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, मामले में संलिप्त अन्य चिन्हित एवं फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पेपर लीक मामले में आगे की जांच जारी है।