
रांची: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं की व्यवस्था में सुधार को लेकर चलाए जा रहे “छात्रों की बात-छात्रों के साथ” अभियान के तहत अब तक राज्य के 8,500 से अधिक युवाओं ने अपने सुझाव दिए हैं। अभियान के माध्यम से परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और भरोसेमंद बनाने को लेकर बड़ी संख्या में सुझाव प्राप्त हो रहे हैं।
युवाओं की ओर से OMR शीट, परीक्षा कैलेंडर, स्कोरकार्ड, प्रश्नपत्र, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और तकनीक के बेहतर इस्तेमाल जैसे विषयों पर सुझाव दिए गए हैं। इसके अलावा झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) में संवैधानिक एवं कानूनी दायरे में आवश्यक सुधारों को लेकर भी महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए हैं।
सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य केवल परीक्षा व्यवस्था की समस्याओं पर चर्चा करना नहीं, बल्कि मौजूदा चुनौतियों का समाधान करते हुए ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जो वर्तमान के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए भी पारदर्शी, निष्पक्ष, सुरक्षित, विश्वसनीय और जवाबदेह हो।
सरकार ने झारखंड के युवाओं से अपील की है कि वे अपने सुझाव देना जारी रखें। सरकार के अनुसार, युवाओं का प्रत्येक सुझाव न केवल मौजूदा परीक्षा व्यवस्था में सुधार में मदद कर सकता है, बल्कि राज्य के हजारों-लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य को बेहतर बनाने में भी योगदान देगा।
इस पहल को सरकार ने केवल सरकारी प्रयास के बजाय युवाओं की जनभागीदारी से होने वाला सुधार बताया है। सरकार का मानना है कि परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए अभ्यर्थियों के अनुभव और सुझाव बेहद महत्वपूर्ण हैं।
JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं को लेकर हाल में छात्रों के बीच उठे सवालों और विरोध के बीच यह अभियान परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की दिशा में सरकार की पहल के तौर पर देखा जा रहा है।