
राज्य सरकार ने सीआईडी की जांच में मिले तथ्यों के आधार पर 22 परीक्षाओं को रद्द कर दिया है. छह परीक्षाओं की प्रक्रिया को स्थगित कर दिया है और 17 परीक्षाओं में संभावित अनियमितता की जांच का आदेश दिया है. कार्मिक विभाग ने इससे संबंधित अधिसूचना जारी कर दी है.
इसके साथ ही सरकार ने जेपीएसससी व जेएसएससी की परीक्षाओं में हुई अनियमितता को लेकर दर्ज मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के लिए हाई कोर्ट से अनुरोध करने का फैसला लिया है. साथ ही जेपीएससी जेएसएससी की परीक्षाओं पर नजर रखने के लिए आंतरिक निगरानी प्रकोष्ठ बनाने का फैसला लिया है. साथ ही जेपीएसससी जेएसएससी परीक्षाओं में व्यापक सुधार के लिए आईएएस अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाने का फैसला किया है. इन सभी फैसलों से संबंधित आदेश जारी कर दिया गया है.
JSSC CGL समेत कई परीक्षाएं रद्द
सरकार के फैसले के मुताबिक JSSC की विज्ञापन संख्या 10/2023 के तहत आयोजित संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा यानी JSSC-CGL को रद्द कर दिया गया है. यह फैसला SIT और CID की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर लिया गया है.
इसके अलावा झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा 2023 और 2025 की रेगुलर एवं बैकलॉग परीक्षाएं भी रद्द की गई हैं. पूर्व की 5वीं संयुक्त असैनिक सेवा परीक्षा 2013, 2016 और 2021 की परीक्षाओं को भी रद्द करने का निर्णय लिया गया है.
सिविल जज जूनियर डिवीजन की 2015, 2018 और 2023 की परीक्षाएं भी रद्द की गई हैं. इसके साथ ही 6वीं लिमिटेड डिप्टी कलेक्टर परीक्षा और 2023 की चाइल्ड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट ऑफिसर परीक्षा को भी रद्द कर दिया गया है.
शैक्षणिक और तकनीकी पदों की नियुक्तियां भी प्रभावित
सरकार ने झारखंड के विश्वविद्यालयों में गैर-शैक्षणिक पदों पर नियुक्ति, सरकारी इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति तथा पॉलिटेक्निक कॉलेजों में लेक्चरर की नियुक्ति से जुड़ी परीक्षाओं को भी रद्द किया है. इसके अलावा झारखंड एलिजिबिलिटी टेस्ट यानी JET 2024 को भी रद्द कर दिया गया है.
अन्य रद्द की गई परीक्षाओं में असिस्टेंट कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट 2024, फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर, असिस्टेंट पब्लिक प्रोसिक्यूटर, ड्रग इंस्पेक्टर और फूड सेफ्टी ऑफिसर से जुड़ी परीक्षाएं शामिल हैं.
कुछ परीक्षाएं अगले आदेश तक स्थगित
सरकार ने कुछ अन्य नियुक्ति परीक्षाओं को फिलहाल रद्द करने के बजाय अगले आदेश तक स्थगित करने का फैसला लिया है. इन परीक्षाओं की प्रारंभिक प्रक्रिया TDPL के अलावा अन्य एजेंसियों के माध्यम से कराई गई थी. सरकार ने इन एजेंसियों की विश्वसनीयता और भूमिका की जांच CID को सौंप दी है.
परीक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए 3 बड़े फैसले
सरकार के आदेश के मुताबिक लगातार सामने आ रही शिकायतों और CID-SIT की जांच के आधार पर सरकार ने भविष्य में नियुक्ति परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए तीन महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं.
फास्ट ट्रैक कोर्ट का अनुरोध
JPSC और JSSC की परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितता और कदाचार से जुड़े मामलों की जल्द सुनवाई के लिए झारखंड हाईकोर्ट से फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का अनुरोध किया जाएगा. सरकार का उद्देश्य ऐसे मामलों की सुनवाई में तेजी लाना है.
JPSC-JSSC में बनेगा आंतरिक निगरानी प्रकोष्ठ
दोनों आयोगों के कामकाज और परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी के लिए आंतरिक निगरानी प्रकोष्ठ यानी Internal Vigilance Cell बनाया जाएगा. इसके जरिए परीक्षा प्रक्रिया में संभावित गड़बड़ियों पर नजर रखने और व्यवस्था को मजबूत करने की कोशिश की जाएगी.
अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में बनेगी समिति
JPSC और JSSC की परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए वरिष्ठ IAS अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी. समिति में राज्य के प्रतिष्ठित संस्थानों के निदेशकों को भी सदस्य बनाया जाएगा. यह समिति दोनों आयोगों की परीक्षा प्रणाली, प्रक्रिया और व्यवस्था का विस्तृत अध्ययन करेगी. समिति को दो महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी होगी.
सरकार के सचिव प्रवीण कुमार टोप्पो के हस्ताक्षर से जारी अधिसूचना में इन फैसलों की जानकारी दी गई है. सरकार ने स्पष्ट किया है कि नियुक्ति परीक्षाओं में किसी भी तरह की अनियमितता और धांधली को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. साथ ही भविष्य में परीक्षाओं को पारदर्शी, निष्पक्ष और भरोसेमंद बनाने के लिए व्यवस्था में व्यापक सुधार किया जाएगा.