

रांची:जेपीएससी-जेएसएससी सीजीएल को लेकर हाईकोर्ट के फैसले के बाद विधायक हेमलाल मुर्मू ने प्रेस वार्ता कर भाजपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने जेपीएससी-जेएसएससी सीजीएल परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया था और मामले की जांच भी तेज कर दी गई थी। इसके बाद न्यायालय ने सरकार के फैसले पर रोक लगा दी। ऐसे में भाजपा द्वारा राज्य सरकार पर सवाल उठाना समझ से परे है।
हेमलाल मुर्मू ने कहा कि न्यायपालिका सर्वोपरि है और न्यायालय के फैसले पर टिप्पणी करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि न्यायालय ने मामले में अपना निर्णय दिया है और अब आगे क्या फैसला होगा, यह न्यायालय पर निर्भर है। सरकार ने किसी तरह का धोखा नहीं दिया है। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि छात्रों के कंधे पर बंदूक रखकर राजनीति करने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सीआईडी को जांच के लिए चार महीने का समय दिया गया है और जांच एजेंसी लगातार कार्रवाई कर रही है। उनके अनुसार, मामले में अब तक 14 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और सीआईडी अपनी जांच आगे बढ़ा रही है।
भाजपा नेताओं पर निशाना साधते हुए हेमलाल मुर्मू ने कहा कि भानु प्रताप शाही अपने कार्यकाल में क्या कर चुके हैं, यह जनता जानती है। उन्होंने कथित 140 करोड़ रुपये के घोटाले का जिक्र करते हुए कहा कि इसकी जांच सीबीआई द्वारा की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों पर खुद जांच चल रही है, वे ही सबसे ज्यादा शोर मचा रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
उन्होंने भाजपा विधायक बाबूलाल मरांडी पर भी निशाना साधा। हेमलाल मुर्मू ने कहा कि बाबूलाल मरांडी सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनके कार्यकाल से जुड़े जेपीएससी मामलों में चल रही जांच का परिणाम भी सामने आना चाहिए।
पूर्व विधायक ने कहा कि छात्रों को अपने विवेक से फैसला लेना चाहिए, लेकिन भाजपा पर छात्रों को उकसाकर आंदोलन को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि न्यायालय अपना काम कर रहा है और इस पूरी प्रक्रिया में सरकार को दोषी ठहराना उचित नहीं है। न्यायालय का अंतिम फैसला आने तक सभी पक्षों को न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करना चाहिए।
