

रामगढ़ जिले के हेहल स्थित मां छिन्नमस्तिका सीमेंट एंड इस्पात प्राइवेट लिमिटेड फैक्ट्री में शुक्रवार देर रात हुए टरबाइन ब्लास्ट में तीन इंजीनियरों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा रात करीब 11:10 बजे हुआ। घटना के बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई और कर्मचारियों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नाराजगी बढ़ गई।
हादसे में शिफ्ट इंचार्ज संजीव केसरी, इंजीनियर अभिषेक पांडेय और विनीत महतो की मौत हुई है। वहीं, घायल इंजीनियर तरुण रवानी को तत्काल रांची के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
कर्मचारियों के अनुसार, टरबाइन के पैनल कंट्रोल रूम में लगा एसी कई दिनों से खराब था। उनका दावा है कि तापमान बढ़ने के कारण पैनल सिस्टम में खराबी आई। इसके बाद इमरजेंसी सिस्टम को चालू करने का प्रयास किया गया, लेकिन इसी दौरान अचानक जोरदार विस्फोट हो गया। ब्लास्ट के बाद तेल में आग लग गई, जिसकी चपेट में वहां मौजूद इंजीनियर आ गए।
हादसे के बाद फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारियों के बीच सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि यदि कंट्रोल रूम का एसी पहले ही ठीक करा दिया जाता और ओवरहीटिंग की समस्या को गंभीरता से लिया जाता, तो संभव है कि इस तरह की घटना को टाला जा सकता था।
फिलहाल हादसे के वास्तविक कारणों और सुरक्षा मानकों में संभावित चूक की जांच जरूरी है। साथ ही, फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से घटना को लेकर आधिकारिक रूप से क्या कदम उठाए गए हैं और मृतकों व घायल कर्मचारी के परिजनों के लिए क्या सहायता दी जा रही है, इसकी जानकारी भी सामने आना बाकी है।
