

Ranchi: झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग में सुधार की मांग कर रहे छात्रों के द्वारा सीएम हेमंत सोरेन का पुतला दहन मामले में पुलिसिया कारवाई तेज हो गई है। पुलिस ने रांची में जहां 14 लोगों पर नामजद केस दायर किया है वहीं हजारोबाग में 700 लोगों पर FIR किया गया है। इधर पीलिसिया कारवाई के खिलाफ छात्रों का गुस्सा भी उफान पर है। रांची पुलिस ने JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच के खिलाफ तीन अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं. इस मामले में कुल 14 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है, जबकि कई अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. यह एफआईआर कोतवाली थाना में की गई है. पुलिस के अनुसार, यह पूरा मामला शुक्रवार को छात्र संगठनों द्वारा आयोजित पुतला दहन से जुड़ा हुआ है. JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच के बैनर तले जुटे छात्रों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने का कार्यक्रम रखा था. अल्बर्ट एक्का चौक के समीप जब छात्र पुतला फूंकने का प्रयास कर रहे थे, तभी वहां तैनात पुलिस बल और आंदोलनकारी छात्रों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की हुई. वहीं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पुतला दहन को लेकर शुक्रवार को हजारीबाग के कोर्रा थाना क्षेत्र स्थित गांधी मैदान में हुए छात्र-प्रशासन टकराव के मामले में पुलिस ने अब कार्रवाई तेज कर दी है. मामले में करीब 700 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. इनमें करीब 200 ऐसे लोगों की पहचान किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जो घटना के दौरान मौके पर मौजूद थे. प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस अब घटना से जुड़े वीडियो फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान करने में जुटी है. प्रशासन की ओर से घटना को गंभीरता से लेते हुए कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है. घटना के दौरान मौके पर तैनात मजिस्ट्रेट के बयान को प्राथमिकी का आधार बनाया गया है. पुलिस अब प्राथमिकी में शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है. जांच के दौरान यह भी देखा जा रहा है कि भीड़ में कौन लोग सक्रिय रूप से शामिल थे और किसकी भूमिका से स्थिति तनावपूर्ण हुई.
छात्र संगठनों में भारी आक्रोश
कोतवाली थाना में दर्ज कराई गई एफआईआर में अंकिता वर्मा, शाहबाज और ड्यूटी पर तैनात मजिस्ट्रेट को शिकायतकर्ता बनाया गया है. पुलिस ने जिन प्रमुख छात्र को इस मामले में नामजद किया है, उनमें कुणाल प्रताप, पीयूष, रविंद्र पासवान और चंडी तिवारी शामिल हैं. इन सभी पर सरकारी कार्य में बाधा डालने और पुलिस के साथ उलझने के आरोप लगाए गए हैं. पुलिस की इस कार्रवाई के बाद छात्र संगठनों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है. रिफॉर्म मंच के सदस्यों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी परीक्षाओं और रोजगार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री का विरोध कर रहे थे. पुलिस ने बल प्रयोग कर उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की है. छात्र नेताओं ने साफ किया है कि मुकदमों और पुलिसिया कार्रवाई से वे डरने वाले नहीं हैं और आने वाले दिनों में रोजगार तथा आयोगों में सुधार की मांग को लेकर उनका आंदोलन और उग्र होगा. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है.
