गुमला के 12 प्रखंडों में विधिक सेवा सह सशक्तिकरण शिविर, 9,523 लाभुकों को मिला योजनाओं का लाभBy Mid Time Correspondent Sun, 23 August 2026 07:10 PM

Photo: Reporter Post

जिले के सभी 12 प्रखंडों में विधिक सेवा सह सशक्तिकरण शिविर का आयोजन किया गया। झालसा के निर्देश और प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), गुमला अजीत कुमार सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इन शिविरों का उद्देश्य ग्रामीण और जरूरतमंद लोगों को उनके कानूनी अधिकारों के साथ-साथ सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी और उनका लाभ उपलब्ध कराना था।

शिविरों में न्यायिक पदाधिकारियों, एलएडीसी, पैनल अधिवक्ताओं और पीएलवी ने लोगों से सीधे संवाद किया। उन्हें निःशुल्क विधिक सहायता, सरकारी योजनाओं की पात्रता और लाभ लेने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई। जिले के विभिन्न प्रखंडों में आयोजित शिविरों के माध्यम से कुल 9,523 लाभुकों को करीब 39 करोड़ 19 लाख 49 हजार रुपये की परिसंपत्तियों और योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया।

इस दौरान किसान क्रेडिट कार्ड, आवास योजना के स्वीकृति पत्र, जॉब कार्ड और पेंशन स्वीकृति पत्र सहित कई योजनाओं से संबंधित लाभ वितरित किए गए। दिव्यांग लाभुकों के बीच व्हीलचेयर भी बांटी गईं। इससे ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत कम हुई और उन्हें एक ही स्थान पर कई सेवाओं की जानकारी एवं सहायता मिली।

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गुमला प्रखंड में आयोजित मुख्य शिविर का उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, डालसा अजीत कुमार सिंह, उप विकास आयुक्त अनिमेष कुमार, अंचल अधिकारी हरिष कुमार और इंदु पांडे ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। प्रखंड विकास पदाधिकारी ने अतिथियों का स्वागत किया और लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी।

इस अवसर पर अजीत कुमार सिंह ने कहा कि विधिक सेवा सह सशक्तिकरण शिविर का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं और विधिक सेवाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि जानकारी के अभाव में गरीब और ग्रामीण क्षेत्र के कई लोग पात्र होने के बावजूद योजनाओं का लाभ नहीं ले पाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए झालसा और नालसा के निर्देश पर डालसा जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए लोगों को उनके अधिकारों, सरकारी योजनाओं और निःशुल्क कानूनी सहायता के बारे में जानकारी दे रहा है।

उन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनने का आह्वान करते हुए नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को नशे से दूर रखने और उन्हें शिक्षा की ओर प्रेरित करने की अपील की, ताकि वे आगे चलकर जिम्मेदार नागरिक बन सकें।

पालकोट प्रखंड में प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय ओम प्रकाश मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार, जिला प्रशासन और आम जनता के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करता है। डालसा न केवल कानूनी मामलों में सहायता उपलब्ध कराता है, बल्कि जरूरतमंद लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में भी सहयोग करता है। किसी भी प्रकार की कानूनी या योजनागत परेशानी होने पर आमजन डालसा से संपर्क कर सकते हैं।

चैनपुर, भरनो, कामडारा, रायडीह, सिसई और बसिया प्रखंडों में भी न्यायिक पदाधिकारियों ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। वहीं घाघरा और बिशुनपुर प्रखंड में डालसा के सचिव राम कुमार गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि समाज का वास्तविक विकास तभी संभव है, जब लोग अपने अधिकारों, कानून और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक हों।

राम कुमार गुप्ता ने बताया कि डालसा लगातार प्रचार-प्रसार के माध्यम से सुदूर ग्रामीण इलाकों तक कानूनी और सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी पहुंचा रहा है। जरूरतमंद और पीड़ित लोगों को निःशुल्क विधिक सहायता के साथ मुआवजा दिलाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

स्थायी लोक अदालत के सदस्य शंभू सिंह ने कहा कि न्याय व्यवस्था अब लोगों के द्वार तक पहुंच रही है। उन्होंने आम लोगों से डालसा की ओर से उपलब्ध कराई जा रही निःशुल्क विधिक सेवाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।

डुमरी और जारी प्रखंड में एलएडीसी के पदाधिकारियों ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में हिस्सा लिया। शिविरों में प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, एलएडीसी, पैनल अधिवक्ता, पीएलवी, प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी एवं कर्मचारी, डालसा के कर्मचारी प्रकाश पांडे समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण और लाभुक मौजूद रहे।

इन शिविरों के जरिए कानूनी सहायता और सरकारी योजनाओं को एक ही मंच पर उपलब्ध कराने से ग्रामीणों को उनके अधिकारों और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी मिली। करीब 39 करोड़ रुपये से अधिक के लाभ का वितरण यह भी दर्शाता है कि ऐसे शिविर सरकारी योजनाओं को जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने के साथ उन्हें कानूनी रूप से जागरूक और सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।