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ईद-उल-मिलादुन्नबी पर्व को लेकर गुमला सदर थाना परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुरेश प्रसाद यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रशासन, पुलिस, अंजुमन इस्लामिया, शांति समिति और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक में पर्व को आपसी भाईचारे और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने पर सहमति बनी।
अंजुमन इस्लामिया के सदर मुशाहिद आजमी ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी ईद-उल-मिलादुन्नबी के अवसर पर 26 अगस्त, बुधवार को जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला जाएगा। अंजुमन इस्लामिया और उलेमा-ए-कराम की अगुवाई में जुलूस मोती मस्जिद, बाजार टांड़ से शुरू होकर अपने पारंपरिक मार्ग से गुजरते हुए करीब दोपहर 1:30 बजे जामा मस्जिद के समीप समाप्त होगा।
उन्होंने बताया कि पर्व को लेकर शहर के विभिन्न मोहल्लों में स्थित मस्जिदों, मदरसों, घरों और दुकानों में सजावट का काम चल रहा है। जुलूस का रूट चार्ट अंजुमन की ओर से पहले ही जिला प्रशासन को उपलब्ध कराया जा चुका है।

मुशाहिद आजमी ने प्रशासन से मुस्लिम बहुल मोहल्लों, खासकर मस्जिदों और मदरसों के आसपास विशेष साफ-सफाई कराने की मांग की। उन्होंने पर्व के दौरान बिजली और पानी की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा जुलूस के दौरान निर्धारित मार्ग पर यातायात व्यवस्था को नियंत्रित रखने का आग्रह किया, ताकि जुलूस में शामिल लोगों और आम नागरिकों को परेशानी न हो।
उन्होंने नगर परिषद से मदरसा इस्लामिया, जामा मस्जिद, थाना रोड और बाजार टांड़ स्थित मोती मस्जिद के पास पानी के टैंकर उपलब्ध कराने की मांग भी रखी।
अंजुमन इस्लामिया के सचिव मकसूद आलम ने कहा कि जुलूस पूरी श्रद्धा, अदब और सम्मान के साथ निकाला जाता है और इसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं। ऐसे में जुलूस के दौरान प्राथमिक उपचार के लिए एंबुलेंस और पेयजल की व्यवस्था जरूरी है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था तथा आवश्यक स्थानों पर रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की।
बैठक में शांति समिति के वरिष्ठ सदस्यों राजेंद्र गुप्ता और निर्मल गोयल ने कहा कि गुमला की पहचान शांतिपूर्ण और आपसी भाईचारे वाले शहर के रूप में रही है। यहां सभी समुदायों के लोग मिल-जुलकर त्योहार मनाते आए हैं और आगे भी इसी परंपरा को कायम रखा जाएगा।
बैठक के दौरान बिजली, पानी, साफ-सफाई, यातायात और सुरक्षा समेत अन्य व्यवस्थाओं पर भी चर्चा हुई। पुलिस प्रशासन ने सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर निगरानी रखने की बात कही। लोगों से अपील की गई कि वे किसी भी अपुष्ट सूचना या अफवाह पर विश्वास न करें और किसी संदिग्ध गतिविधि या परिस्थिति की जानकारी तत्काल पुलिस को दें।
बैठक में थाना प्रभारी दिनेश्वर कुमार, राजेंद्र गुप्ता, सुरेश सिंह, निर्मल गोयल, चैंबर के पदाधिकारी दिनेश अग्रवाल, आशिक अंसारी, बद्री गुलशन, अकील रहमान, दिलीप उरांव, अफसर आलम, सरवर आलम, मोहम्मद कौसर, दामोदर कसेरा, यशवंत सिंह, नईम अंसारी, मोहम्मद मेराज, पूर्व अंजुमन सचिव सज्जाद अनवर समेत कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे।
बैठक के आयोजन में एसआई राकेश कुमार सिंह ने सहयोग किया और अंत में धन्यवाद ज्ञापन किया। एसएआई मंगल टुडू और एएसआई सगीर आलम ने भी बैठक के संचालन में सहयोग दिया।
बैठक में प्रशासन और स्थानीय संगठनों के बीच समन्वय पर जोर दिया गया, ताकि ईद-उल-मिलादुन्नबी का जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो और शहर में सामान्य यातायात एवं जनजीवन भी प्रभावित न हो।