

Dhanbad : विधायक जयराम महतो ने धनबाद के बरवाअड्डा थाना प्रभारी को फोन करके उनके साथ गाली-गलौज की है, जिसका ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. विधायक ने थाना प्रभारी को धमकी भी दी कि जब सरकार बदलेगी, तब मजा चखा देंगे. इसके बाद पुलिसकर्मियों ने विधायक जयराम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बरवाअड्डा थाना के प्रभारी रवि कुमार को गाली देने के मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है. प्राथमिकी बरवाअड्डा थाना के प्रभारी के बयान पर दर्ज की गई है. इस मामले में पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी. पुलिसकर्मियों ने पूरे मामले की जांच कर विधायक की सदस्यता समाप्त करने की मांग की है। इस बीच थाना प्रभारी के साथ गाली-गलौज करने को लेकर धनबाद पुलिस एसोसिएशन ने विधायक जयराम महतो को खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. पुलिस मेंस एसोसिएशन भी समर्थन में है. पुलिस पदाधिकारियों व कर्मियों ने काम करने से इनकार कर दिया है. धनबाद पुलिस लाइन में पुलिसकर्मियों को समझाने की कोशिश की जा रही है.
डुमरी विधायक जयराम महतो और बरवाअड्डा थाना प्रभारी के बीच कथित गाली-गलौज का ऑडियो वायरल होने के बाद धनबाद में मामला तूल पकड़ता जा रहा है. वायरल ऑडियो को लेकर पुलिस महकमे के अंदर नाराजगी सामने आई है. धनबाद के पुलिस पदाधिकारियों और जवानों ने विधायक के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है. कुछ पुलिसकर्मियों की ओर से काम बंद करने और ड्यूटी से इनकार करने की चेतावनी दिए जाने की भी बात सामने आई है. स्थिति को देखते हुए धनबाद के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पुलिस लाइन पहुंचे और नाराज पुलिसकर्मियों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया.
वायरल ऑडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि विधायक जयराम महतो और बरवाअड्डा थाना प्रभारी के बीच फोन पर बातचीत हुई थी, जिसमें कथित तौर पर गाली-गलौज हुई. ऑडियो में सरकार बदलने के बाद कार्रवाई करने संबंधी कथित धमकी दिए जाने की बात भी सामने आई है. हालांकि, वायरल रिकॉर्डिंग की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है. पुलिस एसोसिएशन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए ऑडियो की सत्यता और पूरी बातचीत की परिस्थितियों की जांच कराने की बात कही है.
वायरल ऑडियो ने बढ़ाई पुलिस महकमे की नाराजगी
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ऑडियो को लेकर धनबाद पुलिस महकमे में चर्चा तेज है. दावा है कि बातचीत के दौरान विधायक और थाना प्रभारी के बीच तीखी बहस हुई और कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया.
पुलिस एसोसिएशन का कहना है कि पहले वायरल ऑडियो की सत्यता की जांच जरूरी है. इसके बाद यह भी देखा जाएगा कि बातचीत किस परिस्थिति में हुई और रिकॉर्डिंग में किसी तरह की छेड़छाड़ तो नहीं की गई है. एसोसिएशन की ओर से जल्द प्रेस वार्ता कर अपना पक्ष रखने की संभावना भी जताई गई है.
पुलिसकर्मियों ने कहा- सम्मान के लिए नौकरी करते हैं
ऑडियो सामने आने के बाद धनबाद के पुलिसकर्मियों में नाराजगी बढ़ने की बात कही जा रही है. पुलिसकर्मियों का कहना है कि वे अपने परिवार का पालन-पोषण करने और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाने के लिए नौकरी करते हैं, कथित तौर पर गाली या धमकी सुनने के लिए नहीं.
इसी को लेकर पुलिसकर्मी विधायक के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. कुछ पुलिसकर्मियों की ओर से विधायक की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की मांग किए जाने की भी जानकारी सामने आई है. हालांकि, किसी विधायक की सदस्यता को लेकर कार्रवाई निर्धारित संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया के तहत ही हो सकती है.
ड्यूटी से इनकार की चेतावनी, पुलिस लाइन में जुटे जवान
मामला तब और गंभीर हो गया जब पुलिसकर्मियों की ओर से काम बंद करने और ड्यूटी करने से इनकार करने की चेतावनी दिए जाने की बात सामने आई. यदि पुलिसकर्मी सामूहिक रूप से ड्यूटी से हटते हैं तो इसका असर कानून-व्यवस्था पर पड़ सकता है.
पुलिसकर्मियों के आक्रोश को देखते हुए धनबाद के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पुलिस लाइन पहुंचे. अधिकारियों ने जवानों और पदाधिकारियों से बातचीत शुरू की और उन्हें समझाने की कोशिश की. प्रशासन की कोशिश है कि विवाद का असर पुलिसिंग और आम लोगों की सुरक्षा पर न पड़े.
विधायक के खिलाफ कार्रवाई की मांग ने पकड़ा जोर
पुलिसकर्मियों का कहना है कि मामले में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए. उनका कहना है कि पुलिसकर्मियों के सम्मान से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए.
वहीं, पूरे मामले ने राजनीतिक रंग भी लेना शुरू कर दिया है. विधायक के खिलाफ पुलिसकर्मियों की नाराजगी और कार्रवाई की मांग के बीच पुलिस प्रशासन के सामने स्थिति को नियंत्रित रखने की चुनौती है.
जांच के बाद साफ होगी ऑडियो की असलियत
फिलहाल इस पूरे विवाद में सबसे अहम सवाल वायरल ऑडियो की प्रामाणिकता को लेकर है. पुलिस एसोसिएशन ने जांच की बात कही है. जांच में ऑडियो की सत्यता के साथ-साथ बातचीत के संदर्भ और दोनों पक्षों की भूमिका की पड़ताल की जा सकती है.
यदि रिकॉर्डिंग वास्तविक पाई जाती है तो कथित बातचीत और उसमें इस्तेमाल भाषा को लेकर आगे की कार्रवाई पर फैसला हो सकता है. वहीं, ऑडियो में छेड़छाड़ सामने आने पर जांच की दिशा बदल सकती है. फिलहाल वरिष्ठ पुलिस अधिकारी नाराज पुलिसकर्मियों को समझाने में जुटे हैं और पूरे मामले में आधिकारिक जांच के नतीजे का इंतजार किया जा रहा है.
