

रांची: कृषि निदेशालय में कथित भ्रष्टाचार और किसानों को अमानक सामग्री वितरित किए जाने के आरोपों को लेकर गुरुवार को सीपीआई रांची जिला, एटक (AITUC) एवं झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के संयुक्त तत्वावधान में कृषि निदेशालय का घेराव कर प्रदर्शन किया गया।
घेराव से पहले CMPDI से विशाल जुलूस निकाला गया। जुलूस का नेतृत्व सीपीआई रांची जिला सचिव अजय सिंह, एटक नेता अशोक यादव, पुष्कर महतो एवं किसान नेता तारा सिंह मुंडा ने किया। जुलूस में बड़ी संख्या में किसान और महिलाएं शामिल हुईं। प्रदर्शनकारी कृषि निदेशालय में कथित भ्रष्टाचार पर रोक लगाने तथा काली सूची में शामिल कंपनियों को कार्यादेश देने की जांच की मांग कर रहे थे।
कृषि भवन परिसर पहुंचने के बाद जुलूस सभा में तब्दील हो गया। सभा को संबोधित करते हुए अजय सिंह ने आरोप लगाया कि कृषि निदेशालय में चारा घोटाले से भी बड़ा घोटाला हुआ है। उन्होंने कहा कि किसानों को अमानक सामग्री का वितरण किया गया है। उनका सवाल था कि CIPET की जांच में अमानक पाई गई कंपनियों को दोबारा कार्यादेश क्यों दिया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भारत ड्रिप इरिगेशन एंड एग्रो कंपनी काली सूची में दर्ज है और हजारीबाग के उपायुक्त ने उसके खिलाफ मामला दर्ज करने की अनुशंसा की थी। इसके बावजूद कंपनी को कार्यादेश और भुगतान दिए जाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने पूरे मामले में मिलीभगत की आशंका जताई।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि निर्धारित शर्तों का पालन किए बिना 14 काली सूचीबद्ध कंपनियों को मुक्त किया गया। उन्होंने मांग की कि CIPET की नई जांच रिपोर्ट आने तक संबंधित कंपनियों के भुगतान पर रोक लगाई जाए और पूरे मामले की SIT से जांच कराई जाए।
एटक नेता अशोक यादव एवं पुष्कर महतो ने चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर मामले की जांच शुरू नहीं की गई तो कृषि निदेशालय के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।
