
राँची, 30 अगस्त 2026। झारखंड ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (JUVNL) और इसकी अनुषंगी कंपनियों JBVNL, JUSNL एवं JUUNL में पुरानी पेंशन योजना के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों एवं पदाधिकारियों के GPF (General Provident Fund) को लेकर सवाल उठने लगे हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि वर्षों से उनके वेतन से नियमित रूप से GPF की राशि काटी जा रही है और उन्हें GPF संख्या भी आवंटित है, लेकिन इसके बावजूद नियमानुसार मिलने वाली अग्रिम एवं निकासी की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।
इस मामले को लेकर झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ के अध्यक्ष अजय राय ने JUVNL के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (CMD) को ई-मेल के माध्यम से पत्र भेजकर मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
अजय राय ने कहा कि कर्मचारियों के वेतन से वर्षों से GPF के नाम पर राशि काटी जा रही है, लेकिन जब कर्मचारी अपने ही जमा धन का नियमानुसार उपयोग करना चाहते हैं तो उन्हें सुविधा नहीं मिलती। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि GPF Trust का अब तक विधिवत गठन नहीं हुआ है, तो कर्मचारियों के वेतन से काटी गई वर्षों की राशि वर्तमान में किस खाते या कोष में रखी गई है।
उन्होंने प्रबंधन से यह भी स्पष्ट करने की मांग की कि GPF राशि का लेखांकन कौन कर रहा है, ब्याज कैसे निर्धारित किया जा रहा है और यदि राशि का निवेश किया जा रहा है तो किस नियम एवं सक्षम प्राधिकारी की अनुमति से किया जा रहा है।
अजय राय ने JUVNL प्रबंधन से कई सवालों का जवाब मांगा है। इनमें कर्मचारियों से अब तक काटी गई GPF राशि की वर्तमान स्थिति, GPF Trust के गठन की स्थिति, संचित राशि के संचालन एवं प्रबंधन, लेखांकन और ब्याज निर्धारण से संबंधित जानकारी शामिल है।
उन्होंने यह भी पूछा कि क्या GPF की संचित राशि का निवेश किया जा रहा है। यदि हां, तो किस नियम और सक्षम स्वीकृति के तहत यह किया जा रहा है। साथ ही, GPF Trust के गठन में हो रही देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की गई है।
अजय राय ने कहा कि यह सिर्फ कर्मचारियों को GPF की सुविधा मिलने का मामला नहीं है, बल्कि हजारों कर्मचारियों की जीवनभर की बचत और आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण वित्तीय एवं प्रशासनिक विषय है।
उन्होंने कहा कि घर निर्माण, बच्चों की उच्च शिक्षा, विवाह, चिकित्सा और अन्य आकस्मिक जरूरतों के समय कर्मचारी अपने GPF की राशि पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में वर्षों से अपने वेतन से जमा की गई राशि का नियमानुसार उपयोग नहीं कर पाना कर्मचारियों के लिए गंभीर परेशानी का कारण है।
अजय राय ने JUVNL प्रबंधन से मांग की है कि कर्मचारियों से अब तक काटी गई GPF राशि की वर्तमान स्थिति, संबंधित खाते या कोष, लेखांकन, ब्याज, निवेश और प्रबंधन से जुड़ी पूरी जानकारी पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मेहनत की कमाई से जुड़ी राशि के मामले में किसी भी प्रकार की अस्पष्टता स्वीकार नहीं की जा सकती। यदि जांच में वित्तीय लापरवाही, अनियमितता या नियमों की अनदेखी सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जानी चाहिए।
अजय राय ने JUVNL प्रबंधन से मांग की है कि—
अजय राय ने कहा कि “यह कर्मचारियों की मेहनत की कमाई है, किसी अधिकारी या निगम की निजी संपत्ति नहीं।” उन्होंने प्रबंधन से कर्मचारियों के GPF की राशि सुरक्षित रखने और उसका पारदर्शी हिसाब उपलब्ध कराने की मांग की है।