आदिवासी आबादी घटने का मुद्दा उठा बाबूलाल ने कांग्रेस-सरकार पर साधा निशानाBy Mid Time Bureau Sun, 30 August 2026 06:28 PM

रांची: भाजपा प्रदेश कार्यालय में रविवार को आयोजित प्रेस वार्ता में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस और राज्य सरकार पर आदिवासी हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने रांची में आयोजित आदिवासी एकता महाजुटान समेत आदिवासी आबादी, बांग्लादेशी घुसपैठ और आदिवासी जमीन से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरा।

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि आजादी के बाद से कांग्रेस ने आदिवासी समाज के साथ छल और धोखा किया है। उन्होंने कहा कि अलग झारखंड राज्य की मांग से लेकर आदिवासियों के अधिकार और उनकी जमीन की सुरक्षा तक कांग्रेस की भूमिका सवालों के घेरे में रही है।

उन्होंने जनगणना के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि 1951 में झारखंड क्षेत्र में आदिवासियों की आबादी करीब 35.38 प्रतिशत थी, जो 2011 में घटकर 26.20 प्रतिशत रह गई। संथाल परगना का उल्लेख करते हुए उन्होंने दावा किया कि यहां आदिवासी आबादी 1951 में करीब 44.67 प्रतिशत थी, जो 2011 में घटकर 28.1 प्रतिशत रह गई। उन्होंने कहा कि यदि यही स्थिति जारी रही तो आने वाले समय में आदिवासी समाज के सामने गंभीर संकट उत्पन्न हो सकता है।

भाजपा नेता ने संथाल परगना में बांग्लादेशी घुसपैठ का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कथित घुसपैठ के कारण आदिवासियों की जमीन और अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार पर वोट बैंक की राजनीति के कारण इस मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया।

आदिवासी एकता महाजुटान को लेकर भी मरांडी ने कांग्रेस और मिशनरियों पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि आदिवासियों को रैली में शामिल होने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने एक कथित ऑडियो का हवाला देते हुए कहा कि रैली में शामिल नहीं होने पर जुर्माना लगाने की बात कही जा रही है।

बाबूलाल मरांडी ने पाकुड़ की आदिवासी कल्याण समिति द्वारा राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, निर्वाचन आयोग और मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि पत्र में आदिवासी जमीन पर कथित अवैध कब्जे और निर्माण का मामला उठाया गया है, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने सरकार से आदिवासी जमीन और अधिकारों की सुरक्षा के लिए गंभीरता से कदम उठाने की मांग की।