राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर लोकतांत्रिक आवाज दबाने की कोशिश : डॉ. मुन्नम संजयBy Mid Time Bureau Mon, 31 August 2026 07:30 PM

रांची: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ उत्तराखंड में दर्ज एफआईआर को लेकर झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कड़ा विरोध जताया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं साहेबगंज प्रभारी डॉ. मुन्नम संजय ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बताते हुए कहा कि विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए सरकारी तंत्र का इस्तेमाल लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के निर्देश पर रांची सहित राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने एफआईआर वापस लेने की मांग करते हुए केंद्र और भाजपा के खिलाफ नारेबाजी की।

डॉ. संजय ने कहा कि हाल ही में उत्तराखंड में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के मंच के कथित ‘शुद्धीकरण’ की घटना ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को आहत किया था। उनके अनुसार, यह केवल एक राजनीतिक दल के नेता का अपमान नहीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द और लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी सवाल खड़ा करने वाली घटना थी।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने इस घटना के खिलाफ मुखर होकर आवाज उठाई। कांग्रेस का आरोप है कि इसी राजनीतिक विरोध के कारण उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।

डॉ. संजय ने कहा कि कांग्रेस किसी भी प्रकार की दमनकारी या प्रतिशोध की राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी संविधान, लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और आम नागरिकों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाते रहे हैं।

उन्होंने दावा किया कि एफआईआर और सरकारी दबाव के जरिए विपक्ष की आवाज को कमजोर नहीं किया जा सकता। कांग्रेस कार्यकर्ता लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक अपना संघर्ष जारी रखेंगे।

डॉ. संजय ने कहा कि जनता पूरे घटनाक्रम को देख रही है और लोकतांत्रिक संस्थाओं तथा संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के सवाल पर अंतिम फैसला जनता ही करेगी।