
झारखंड में विधायक जयराम महतो और पुलिस के बीच चल रहा विवाद अब सिर्फ बयानबाजी तक सीमित नहीं रहा। जयराम महतो की गिरफ्तारी की मांग को लेकर झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने अब खुलकर मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने साफ कर दिया है कि तय समय में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल मुर्मू ने कहा कि यह लड़ाई किसी एक पुलिस अधिकारी की नहीं, बल्कि पूरे पुलिस परिवार के सम्मान, गरिमा और अधिकार की है। इस मुद्दे पर डीएसपी एसोसिएशन, झारखंड पुलिस मेंस एसोसिएशन और चतुर्थवर्गीय कर्मचारी संघ के साथ मिलकर संघर्ष आगे बढ़ाने की बात कही गई है। झारखंड पुलिस सर्विस एसोसिएशन के समर्थन का भी दावा किया गया है।
मामला बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार के साथ विधायक जयराम महतो द्वारा कथित गाली-गलौज से जुड़ा है। घटना के बाद पुलिस संगठनों ने विरोध जताते हुए धनबाद एसएसपी को पांच दिन का समय दिया था। संगठन की मांग थी कि मामले में कानूनी प्रक्रिया तेज करते हुए जयराम महतो की गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाए।
लेकिन एसोसिएशन का कहना है कि समयसीमा बीत गई और कार्रवाई की स्थिति को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। संगठन ने सवाल उठाया कि मामले में नोटिस कब दिया गया, कहां दबिश हुई और अब तक क्या साक्ष्य जुटाए गए—इसकी जानकारी भी सामने आनी चाहिए।
हालांकि पुलिस एसोसिएशन ने एक बात साफ कर दी है कि अगर थाना प्रभारी की भी गलती सामने आती है, तो उनके खिलाफ कार्रवाई से संगठन पीछे नहीं हटेगा। यानी एसोसिएशन का दावा है कि लड़ाई किसी व्यक्ति को बचाने की नहीं, बल्कि कानून के मुताबिक कार्रवाई सुनिश्चित कराने की है।
अब गेंद पुलिस प्रशासन के पाले में है। एसोसिएशन ने संकेत दे दिया है कि अगर जयराम महतो के खिलाफ कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी, तो आने वाले दिनों में विरोध का दायरा और बढ़ सकता है। ऐसे में विधायक बनाम खाकी का यह विवाद अब झारखंड की सियासत और पुलिस महकमे, दोनों के लिए बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।