
झारखंड में राष्ट्रीय राजमार्गों को लेकर अब व्यवस्था बदलने वाली है। जिन हाईवे पर लगातार ज्यादा ट्रैफिक रहता है, उनकी कमान धीरे-धीरे राज्य सरकार से हटाकर केंद्र की एजेंसी NHAI को दी जा रही है। यानी आने वाले दिनों में इन सड़कों का निर्माण, रखरखाव और विस्तार राज्य के बजाय NHAI की निगरानी में होगा।
केंद्र के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने झारखंड के राष्ट्रीय राजमार्गों की ट्रैफिक के आधार पर समीक्षा की। 10 हजार से ज्यादा PCU वाले NH को इस प्रक्रिया में शामिल किया गया। इसी समीक्षा के बाद मंत्रालय ने 21 अगस्त को राज्य के मुख्य सचिव और NHAI चेयरमैन को पत्र भेजकर नई व्यवस्था की जानकारी दी।
पहले चरण में चार NH को NHAI के जिम्मे करने का फैसला हुआ है। इनमें NH-139, NH-522 और NH-114A को तुरंत NHAI को सौंपा जाएगा, क्योंकि इन मार्गों पर फिलहाल कोई निर्माण कार्य नहीं चल रहा है।
NH-20 के मामले में फिलहाल एक हिस्सा राज्य के पास रहेगा। इसके 116 से 176 किलोमीटर के बीच चल रहे काम को पूरा कराया जाएगा और उसके बाद इस हिस्से की जिम्मेदारी भी NHAI को दे दी जाएगी।
हालांकि, सभी सड़कों की जिम्मेदारी अभी नहीं बदली है। NH-220 को फिलहाल झारखंड के पथ निर्माण विभाग के पास ही रखा गया है। वहीं NH-419 के 49 से 65 किलोमीटर और NH-133 के 93 से 131 किलोमीटर वाले हिस्सों पर काम धनबाद स्थित MoRTH के PIU के जरिए जारी रहेगा।
सबसे बड़ी बात यह है कि केंद्र की नजर अब पूरे झारखंड के NH नेटवर्क पर है। मंत्रालय इस विकल्प पर भी विचार कर रहा है कि राज्य के सभी राष्ट्रीय राजमार्गों को राज्य सरकार की व्यवस्था से हटाकर MoRTH के PIU के जरिए संचालित किया जाए। अगर ऐसा हुआ तो झारखंड में राष्ट्रीय राजमार्गों की देखरेख और विकास का पूरा सिस्टम ही नए तरीके से काम करता नजर आएगा।