धोनी के 100 करोड़ के मानहानि केस में नया ट्विस्ट, कोर्ट ने मानी रिटायर्ड IPS की ये 3 बड़ी मांगेंBy Mid Time Bureau Wed, 02 September 2026 06:08 PM

महेंद्र सिंह धोनी से जुड़े 100 करोड़ रुपये के मानहानि मामले में अदालत के एक फैसले ने अब केस की आगे की सुनवाई को दिलचस्प बना दिया है। 2013 IPL सट्टेबाजी विवाद से धोनी का नाम जोड़ने के मामले में रिटायर्ड IPS अधिकारी जी संपत कुमार की ओर से दाखिल तीन अर्जियों को मद्रास हाई कोर्ट ने मंजूरी दे दी है।

संपत कुमार की ओर से सबसे अहम मांग धोनी के बयान की रिकॉर्डिंग को लेकर थी। उनके वकीलों ने अदालत के सामने सुप्रीम कोर्ट के एक पुराने फैसले का हवाला दिया। दलील पर विचार करने के बाद जस्टिस के गोविंदराजन थिलकवादी ने अर्जियों को नंबर देने की अनुमति दे दी।

अब संपत कुमार चाहते हैं कि धोनी का बयान दर्ज होने के दौरान पूरी प्रक्रिया की निगरानी एक न्यायिक अधिकारी करे। इसके साथ ही बयान की पूरी कार्यवाही कैमरे में रिकॉर्ड हो और उसकी बिना एडिट की गई कॉपी उन्हें और अदालत द्वारा नियुक्त अधिकारी को भी मिले।

मामले में तीसरी मांग बयान की जगह को लेकर है। संपत कुमार की तरफ से कहा गया है कि धोनी का बयान अदालत परिसर या किसी सरकारी भवन में ही दर्ज किया जाए। इसके पीछे उनकी दलील है कि बयान की प्रक्रिया ऐसी जगह होनी चाहिए जहां इसकी निष्पक्षता और पारदर्शिता बनी रहे।

हालांकि, कोर्ट के इस आदेश के बाद अब धोनी का पक्ष भी सामने आएगा। अदालत ने उन्हें इन अर्जियों के जवाब में काउंटर एफिडेविट दाखिल करने का मौका दिया है। यानी संपत कुमार की मांगों पर अंतिम तस्वीर अभी बाकी है।

यह विवाद नया नहीं है। पिछले साल ट्रायल शुरू करने का आदेश दिए जाने के बाद अधिवक्ता जी जयश्री को धोनी का बयान दर्ज करने के लिए कमिश्नर नियुक्त किया गया था। संपत कुमार ने इस व्यवस्था को चुनौती दी थी, लेकिन बाद में उनकी अपील डिवीजन बेंच ने खारिज कर दी थी।

अब तीन नई अर्जियों को मंजूरी मिलने के बाद 100 करोड़ रुपये के इस मानहानि केस में आगे की कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में जाती है, इस पर नजर बनी हुई है।