जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के नियम बदले, 2 साल से पुराने मामलों में अब कोर्ट से आदेश जरूरीBy Mid Time Bureau Thu, 03 September 2026 09:44 PM

रांची: जन्म प्रमाण पत्र बनवाने को लेकर केंद्र सरकार ने नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नए प्रावधानों के तहत अब जन्म के दो साल से अधिक समय बाद प्रमाण पत्र बनवाना पहले की तुलना में मुश्किल होगा। ऐसे मामलों में अब प्रशासनिक अधिकारियों के आदेश के बजाय प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी (Judicial Magistrate First Class) के आदेश की जरूरत होगी।

केंद्र सरकार की ओर से 6 अगस्त 2026 को जारी गजट के अनुसार जन्म और मृत्यु पंजीकरण से जुड़े नियमों में यह बदलाव किया गया है। नए प्रावधानों का उद्देश्य जन्म और मृत्यु की घटनाओं का समय पर पंजीकरण सुनिश्चित करना बताया गया है।

दो साल तक की देरी पर क्या होगा नियम?

नए नियम में देरी से जन्म पंजीकरण को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है।

  • 21 दिन के अंदर: सामान्य प्रक्रिया के तहत जन्म का पंजीकरण कराया जा सकेगा।
  • 21 दिन से एक साल तक: विलंब शुल्क के साथ पंजीकरण की मौजूदा व्यवस्था लागू रहेगी।
  • एक साल से दो साल तक: जिला दंडाधिकारी (DM), अनुमंडल दंडाधिकारी (SDM) या अधिकृत कार्यपालक दंडाधिकारी के आदेश की जरूरत होगी।
  • दो साल से अधिक पुराना मामला: अब प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी के आदेश के बाद ही जन्म का पंजीकरण कराया जा सकेगा।

पहले क्या थी व्यवस्था?

पहले एक साल से अधिक पुराने जन्म के मामलों में सक्षम प्रशासनिक अधिकारी के आदेश के आधार पर प्रमाण पत्र जारी कराया जा सकता था। ऐसे मामलों में जन्म कई साल पुराना होने पर भी प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया पूरी की जा सकती थी।

अब दो साल से अधिक पुराने मामलों को न्यायिक प्रक्रिया से जोड़ दिया गया है। यानी ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्ति या अभिभावक को अदालत में आवेदन करना होगा और न्यायिक दंडाधिकारी के आदेश के बाद ही जन्म प्रमाण पत्र जारी कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

आम लोगों पर क्या पड़ेगा असर?

नियमों में बदलाव का सबसे ज्यादा असर उन परिवारों पर पड़ सकता है, जिन्होंने लंबे समय से अपने बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र नहीं बनवाया है। दो साल से अधिक पुराने मामलों में अब कोर्ट जाना अनिवार्य होने से प्रक्रिया पहले के मुकाबले लंबी और जटिल हो सकती है।

जन्म प्रमाण पत्र आज स्कूल में दाखिले से लेकर सरकारी योजनाओं, पहचान से जुड़े दस्तावेजों और कई अन्य जरूरी कामों में महत्वपूर्ण दस्तावेज है। ऐसे में अभिभावकों के लिए जरूरी है कि वे बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र समय पर बनवा लें।

प्रशासन ने की जल्द प्रमाण पत्र बनवाने की अपील

नए नियम लागू होने के बाद प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि जिन बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र अभी तक नहीं बना है, वे जल्द संबंधित नगरपालिका, नगर निकाय या पंचायत कार्यालय से संपर्क करें।

समय पर पंजीकरण कराने से भविष्य में कोर्ट की प्रक्रिया और अतिरिक्त दस्तावेजों की परेशानी से बचा जा सकता है।