जन्माष्टमी पर बाबा बैद्यनाथ के दरबार पहुंचीं सुप्रिया सुले, निशिकांत दुबे भी रहे मौजूदBy Mid Time Bureau Fri, 04 September 2026 10:38 PM

देवघर: जन्माष्टमी के पावन मौके पर देवघर का बाबा बैद्यनाथ धाम आस्था और श्रद्धा से सराबोर नजर आया। इसी खास मौके पर महाराष्ट्र की सांसद सुप्रिया सुले बाबा बैद्यनाथ के दर्शन के लिए देवघर पहुंचीं। उनके साथ गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे भी मौजूद रहे। दोनों सांसदों के मंदिर पहुंचने को लेकर सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे।

सुप्रिया सुले अपने परिवार के साथ बाबा बैद्यनाथ मंदिर पहुंचीं, जहां प्रशासन और पुलिस की कड़ी निगरानी के बीच उन्हें मंदिर परिसर में प्रवेश कराया गया। जन्माष्टमी के दिन बाबा के दर्शन को लेकर मंदिर में श्रद्धालुओं की भी भारी भीड़ रही। ऐसे में वीआईपी मूवमेंट को देखते हुए प्रवेश से लेकर गर्भगृह तक अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती की गई थी।

वहीं, गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे भी बाबा बैद्यनाथ के दरबार में मौजूद रहे। मंदिर पहुंचने के बाद उन्हें पहले मां काली मंदिर परिसर ले जाया गया, जहां उनके कुल पुरोहित प्रमोद सिंघारी ने संकल्प की प्रक्रिया पूरी कराई। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस की निगरानी में उन्हें फिलपाया मार्ग से गर्भगृह की ओर ले जाया गया।

सुप्रिया सुले ने बाबा बैद्यनाथ के दर्शन को अपने लिए बेहद खास बताया। उन्होंने कहा कि यह उनका बाबा बैद्यनाथ धाम में पहला आगमन है और निशिकांत दुबे के सहयोग से उन्हें बाबा के दर्शन और पूजा का शुभ अवसर मिला। उन्होंने बाबा के दर्शन से मन को मिली शांति का जिक्र करते हुए देश और राज्य में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

जन्माष्टमी के दिन बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रद्धालुओं की आस्था का अलग ही रंग देखने को मिला। हर तरफ भगवान कृष्ण के जयकारों के साथ बाबा बैद्यनाथ के दर्शन की होड़ दिखाई दी। वहीं, सुप्रिया सुले के आगमन और निशिकांत दुबे की मौजूदगी ने इस धार्मिक आयोजन को और खास बना दिया।

प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की चूक न हो, इसका खास ध्यान रखा गया। मंदिर परिसर में मजिस्ट्रेट और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी लगातार व्यवस्था की निगरानी करते रहे। प्रवेश द्वार से लेकर गर्भगृह तक अतिरिक्त बल की तैनाती की गई थी।

यानी जन्माष्टमी के दिन देवघर में एक तरफ कृष्ण जन्मोत्सव की उमंग थी, तो दूसरी तरफ बाबा बैद्यनाथ के दरबार में देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे श्रद्धालुओं की आस्था। इसी बीच सुप्रिया सुले का बाबा के दरबार में पहुंचना और निशिकांत दुबे की मौजूदगी चर्चा का खास केंद्र रही।