झारखंड में राशन कार्डों की होगी बड़ी जांच, 4 लाख से ज्यादा कार्ड सस्पेंड, जानिए किन लोगों को सतर्क रहने की जरूरतBy Mid Time Bureau Fri, 11 September 2026 11:29 AM

झारखंड में सरकारी राशन का लाभ लेने वाले परिवारों के लिए जरूरी खबर है। राज्य में चार लाख से ज्यादा राशन कार्ड फिलहाल सस्पेंड किए गए हैं। इसके बाद अब विभाग ने राशन कार्डों के सत्यापन की प्रक्रिया तेज कर दी है। इस जांच का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी अनाज का लाभ सही और पात्र परिवारों तक ही पहुंचे।

दरअसल, ऐसे राशन कार्ड जिनसे लंबे समय से खाद्यान्न नहीं लिया गया है, उन्हें जांच के दायरे में रखा गया है। एक अक्टूबर से स्मार्ट पीडीएस व्यवस्था लागू करने की तैयारी है। इसके तहत लगातार छह महीने तक राशन का उठाव नहीं करने वाले कार्डों को निष्क्रिय किया जा सकता है। साथ ही सरकार राशन कार्ड में दर्ज नामों का भी मिलान कर रही है। आधार के जरिए यह देखा जा रहा है कि कहीं किसी व्यक्ति का नाम एक से ज्यादा कार्ड या अलग-अलग जगहों पर तो दर्ज नहीं है। ऐसे मामलों में लाभुकों को सत्यापन और ई-केवाईसी पूरा करने का मौका दिया जा रहा है।

अगर किसी का कार्ड सस्पेंड हो गया है, तो उसे अपनी नजदीकी राशन दुकान पर जाकर स्थिति की जानकारी लेनी चाहिए। ई-केवाईसी लंबित है तो उसे पूरा कराना होगा। कार्ड में नाम या आधार से जुड़ी कोई गलती है, तो उसका भी सत्यापन कराया जा सकता है। निष्क्रिय कार्ड को दोबारा सक्रिय कराने के लिए निर्धारित समय में जरूरी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इसके लिए तीन महीने का समय दिया जा रहा है। तय अवधि में सत्यापन नहीं कराने पर कार्ड स्थायी रूप से रद्द होने का खतरा हो सकता है।

झारखंड में राशन व्यवस्था से जुड़े लाभुकों की संख्या भी काफी बड़ी है। आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार राज्य में करीब 60.20 लाख राशन कार्ड हैं और इनसे लगभग 2.63 करोड़ लाभुक जुड़े हैं। इसलिए अगर आपके परिवार के पास राशन कार्ड है, तो उसकी स्थिति एक बार जरूर जांच लें। खासकर लंबे समय से राशन नहीं लेने वाले और ई-केवाईसी नहीं कराने वाले लाभुक इसे बिल्कुल नजरअंदाज न करें।

किसी परेशानी या शिकायत के लिए खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग की हेल्पलाइन 1800-212-5512 और 1967 पर संपर्क किया जा सकता है।