
हिंडालको कंपनी के तानाशाही रवैये के खिलाफ खनन प्रभावित क्षेत्र की दर्जनों गांव के ग्रामीणों ने घाघरा नेतरहाट मुख्य पथ पर स्थित ईटकीरी व देवाकी गांव के बीच सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने केवल बॉक्साइट लदे ट्रकों का आवागमन रोका, जबकि आम लोगों के लिए सड़क खुली रखी गई। इस दौरान ग्रामीणों ने कंपनी और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।ग्रामीणों का आरोप है कि हिंडालको कंपनी खनन प्रभावित क्षेत्र से बॉक्साइट का दोहन कर मुनाफा कमा रही है, लेकिन स्थानीय लोगों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है। इटकीरी से सेरेंगदाग तक सड़क की स्थिति बेहद जर्जर है। जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हैं और बरसात में सड़क कीचड़ में तब्दील हो जाती है।
ग्रामीणों ने कहा कि सड़क की बदहाली के कारण मरीजों और गर्भवती महिलाओं को मुख्यालय या अस्पताल ले जाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। खराब सड़क के चलते वाहन चालक इस मार्ग पर जाने से कतराते हैं। ऐसे में मरीजों को ले जाने में काफी परेशानी उठानी पड़ती है। जिससे कई घंटे बर्बाद हो जाते हैं। ग्रामीणों का दावा है कि समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण कई लोगों की जान तक जा चुकी है।
ग्रामीणों ने खनन क्षेत्र में पेयजल, अस्पताल और अन्य सुविधाओं के अभाव का भी आरोप लगाया। वही ग्रामीणों ने कहा कि कुंजाम पाट में कई भूमि रैयत मजदूरों को जमीन में बॉक्साइट खत्म होने का हवाला देकर नोटिस दिया गया है।और काम से हटाने की बात कंपनी द्वारा कही गई है।जो उचित नहीं है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि मांगों पर ठोस पहल होने तक सड़क जाम और धरना जारी रहेगा। आंदोलनकारियों ने सड़क किनारे टेंट लगाकर अपना विरोध जारी रखने का निर्णय लिया है।समाचार लिखे जाने तक पुलिस घटना स्थल पहुंची थी तथा जाम कर्ताओं को समझने का प्रयास कर रही थी परंतु जाम नहीं हटाया गया था। जाम स्थल पर मुख्य रूप से सेरेंगदाग, तूइमु, चिरोपाट, नींदी, बढ़ाकेचकी,ज़ालिम, पेरवापाट, पइनपाट, शहीद दर्जनों गांव के ग्रामीण जाम स्थल पर उपस्थित थे।