झारखंड में अब एक ही सिस्टम से संभलेंगी कई बड़ी बीमारियां, केंद्र ने मंजूर किया नया हेल्थ मॉडलBy Mid Time Bureau Wed, 16 September 2026 11:43 AM

झारखंड में कैंसर, मधुमेह, हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों से निपटने के तरीके में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। इन बीमारियों के लिए अलग-अलग योजनाओं पर निर्भर रहने के बजाय अब एकीकृत व्यवस्था के तहत जांच, इलाज और रोकथाम को एक साथ जोड़ा जाएगा। राज्य सरकार की ओर से तैयार इस मॉडल को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है।

इस मॉडल के लागू होने के बाद झारखंड देश का पहला राज्य बनने जा रहा है, जहां इन स्वास्थ्य सेवाओं को एकीकृत तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। नई व्यवस्था का फोकस सिर्फ बीमारी का इलाज करने पर नहीं, बल्कि बीमारी की समय रहते पहचान और उसे रोकने पर भी रहेगा। नई दिल्ली के कर्तव्य भवन में हुई उच्चस्तरीय बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की अपर सचिव सह मिशन निदेशक आराधना पटनायक ने मॉडल को मंजूरी दी और झारखंड में इसके क्रियान्वयन का निर्देश दिया।

शुरुआत में राज्य स्तर पर एक कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इसमें स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, विशेषज्ञ, तकनीकी संस्थान और दूसरे संबंधित प्रतिनिधि शामिल होंगे। मॉडल के सफल संचालन के बाद इसके प्रभाव का मूल्यांकन किया जाएगा और फिर इसे दूसरे राज्यों में लागू करने की दिशा में आगे बढ़ने की योजना है। इस पूरी व्यवस्था में पांच राष्ट्रीय कार्यक्रमों को एक साथ लाने की तैयारी है। इनमें गैर-संचारी रोगों से जुड़ा राष्ट्रीय कार्यक्रम, राष्ट्रीय मुख स्वास्थ्य कार्यक्रम, राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम, राष्ट्रीय उपशामक देखभाल कार्यक्रम और राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम शामिल हैं।

खास बात यह होगी कि मरीजों को अलग-अलग सेवाओं के लिए एक जगह से दूसरी जगह भटकने की जरूरत कम होगी। शुरुआती जांच से लेकर इलाज, जरूरत पड़ने पर रेफरल और आगे की निगरानी को एक ही व्यवस्था से जोड़ने की योजना है। इसके साथ ही सरकारी तंत्र के अलावा जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं और सार्वजनिक उपक्रमों को भी अभियान से जोड़ा जाएगा, ताकि खासकर ग्रामीण इलाकों में जांच और स्वास्थ्य जागरूकता की पहुंच बढ़ाई जा सके। कैंसर की शुरुआती पहचान और तंबाकू सेवन से होने वाली बीमारियों की रोकथाम पर भी विशेष जोर रहेगा।