
झारखंड के पुलिस थानों में अब निगरानी व्यवस्था पहले से ज्यादा मजबूत होने जा रही है। राज्य सरकार ने 606 थानों में कुल 9,006 ऑडियो-वीडियो CCTV कैमरे लगाने की योजना को मंजूरी दे दी है। इसके लिए करीब 90 करोड़ रुपये की पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
इस व्यवस्था के तहत थानों के ऐसे प्रमुख हिस्सों को कैमरों की निगरानी में लाया जाएगा, जहां पुलिस और आम लोगों की आवाजाही होती है। प्रवेश और निकास द्वार, हवालात के आसपास का क्षेत्र, रिसेप्शन, लॉबी, बरामदे, थाना प्रभारी के कमरे के आसपास और बाहरी परिसर में कैमरे लगाए जाएंगे।
खास बात यह होगी कि इन कैमरों में सिर्फ वीडियो रिकॉर्डिंग नहीं, बल्कि ऑडियो रिकॉर्ड करने की सुविधा भी होगी। रात में भी रिकॉर्डिंग जारी रहेगी। किसी शिकायत, विवाद या जांच के दौरान जरूरत पड़ने पर इन कैमरों की रिकॉर्डिंग अहम साक्ष्य के तौर पर इस्तेमाल की जा सकेगी। फुटेज को लंबे समय तक सुरक्षित रखने की भी व्यवस्था होगी।
योजना के तहत 5,012 डोम कैमरे, 3,388 बुलेट कैमरे और 606 मोटराइज्ड वारिफोकल कैमरे लगाए जाएंगे। जिला स्तर पर कंट्रोल रूम के जरिए इन थानों की निगरानी की व्यवस्था भी प्रस्तावित है।
पूरी परियोजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। कैमरों की खरीद और स्थापना की जिम्मेदारी जैप-आईटी के माध्यम से पूरी की जाएगी।
यानी आने वाले समय में झारखंड के थानों में होने वाली गतिविधियां सिर्फ थाने की चारदीवारी तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि उनका रिकॉर्ड भी मौजूद रहेगा।