
गिरिडीह के मधुबन थाना में रिश्वतखोरी के आरोप ने पुलिस महकमे पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ACB धनबाद की टीम ने 5 हजार रुपये रिश्वत लेते थाना प्रभारी दिपेश कुमार के सहयोगी मुंशी विक्रम कुमार चौधरी को रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। वहीं, मामले में थाना प्रभारी दिपेश कुमार को भी आरोपी बनाया गया है।
पूरा मामला एक सड़क हादसे के बाद शुरू हुआ। 19 जुलाई को मधुबन थाना क्षेत्र में एक स्कॉर्पियो दुर्घटनाग्रस्त हुई थी। हादसे में किसी की जान नहीं गई थी। वाहन मालिक को बीमा क्लेम के लिए थाने से लिखित सनहा की जरूरत थी।
आरोप है कि इसी सनहा के लिए थाना प्रभारी ने 5 हजार रुपये रिश्वत मांगी। शिकायत ACB तक पहुंची तो टीम ने पहले इसका सत्यापन कराया। रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद 15 सितंबर को केस दर्ज किया गया और फिर ट्रैप की तैयारी शुरू हुई।
16 सितंबर को शिकायतकर्ता 5 हजार रुपये लेकर मधुबन थाना पहुंचा। ACB के अनुसार, थाना प्रभारी के निर्देश पर मुंशी विक्रम कुमार चौधरी ने थाना प्रभारी के कमरे में ही रकम ले ली। इसके तुरंत बाद ACB की टीम ने उसे पकड़ लिया।
कार्रवाई के दौरान कार्यपालक दंडाधिकारी और दो स्वतंत्र गवाह भी मौजूद थे। मुंशी की गिरफ्तारी के बाद अब थाना प्रभारी दिपेश कुमार भी इस मामले में आरोपी हैं। ACB का कहना है कि कार्रवाई के दौरान थाना प्रभारी थाने से निकल गए।
फिलहाल ACB दोनों आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।