त्योहारों से पहले झारखंड के 68 लाख परिवारों को कपड़े देने की तैयारी, जिलों को मिला निर्देशBy Mid Time Bureau Tue, 22 September 2026 01:49 PM

झारखंड में त्योहारों से पहले गरीब परिवारों के लिए सरकार कपड़े उपलब्ध कराने की तैयारी में जुट गई है। सोना-सोबरन धोती-साड़ी योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में राज्य के करीब 68 लाख लाभुक परिवारों को साड़ी, धोती और लूंगी देने की योजना है। विभागीय स्तर पर तैयारियां पूरी होने के बाद अक्टूबर से वितरण शुरू होने की संभावना है।

खाद्य एवं उपभोक्ता मामले निदेशालय ने सभी जिलों के उपायुक्तों को योजना के तहत आगे की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है। इस बार नए कपड़ों का आवंटन सीधे तय नहीं होगा, बल्कि पहले पिछले वित्तीय वर्ष में बचे कपड़ों का हिसाब लिया जाएगा। ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज वितरण रिपोर्ट के आधार पर 2025-26 में बची साड़ी, धोती और लूंगी की संख्या नए आवंटन से घटाई जाएगी।

योजना के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) और झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना (JSFSS) के लाभुक परिवारों को एक साड़ी और एक धोती या लूंगी दी जाएगी। लाभुकों तक कपड़े पहुंचाने से पहले उनकी गुणवत्ता की जांच भी की जाएगी। इस वित्तीय वर्ष में योजना के लिए कपड़ों की आपूर्ति मेसर्स मफतलाल इंडस्ट्रीज लिमिटेड करेगा।

10 रुपये में कपड़ा, पीडीएस दुकान से मिलेगा लाभ

इस योजना की खास बात यह है कि लाभुकों को कपड़े के लिए सिर्फ 10 रुपये देने होंगे। पीडीएस दुकानदार के जरिए साड़ी, धोती या लूंगी उपलब्ध कराई जाएगी। इसमें एक रुपये प्रति वस्त्र डीलर के कमीशन और दो रुपये परिवहन खर्च के लिए निर्धारित हैं, जबकि बाकी सात रुपये प्रति वस्त्र जिला आपूर्ति पदाधिकारी के कार्यालय में जमा होंगे।

यानी त्योहारों से पहले सरकार की योजना के तहत राज्य के करीब 68 लाख गरीब परिवारों तक कम कीमत में कपड़े पहुंचाने की तैयारी है। फिलहाल जिलों में स्टॉक और जरूरत का आकलन किया जा रहा है। इसके बाद आपूर्ति और वितरण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। विभागीय तैयारी समय पर पूरी हुई तो अक्टूबर में लाभुकों को कपड़े मिलना शुरू हो सकता है।