
रांची: बिहार के जमुई जिले में नाबालिग छात्रा के साथ हुई बदसलूकी की घटना के विरोध में मंगलवार को आइसा की रांची इकाई और ऐपवा की ओर से अल्बर्ट एक्का चौक पर प्रतिवाद सभा आयोजित की गई। सभा में महिला सुरक्षा, महिलाओं की स्वतंत्रता और पितृसत्तात्मक सोच के खिलाफ आवाज उठाई गई।
आइसा के राज्य सचिव त्रिलोकी नाथ ने कहा कि बिहार समेत देश के विभिन्न हिस्सों में महिलाओं और छात्राओं के खिलाफ दुर्व्यवहार एवं अपराध की घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार महिला सुरक्षा को लेकर बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर ऐसी घटनाएं चिंता का विषय हैं।
ऐपवा की नंदिता भट्टाचार्य ने कहा कि सरकार की ओर से ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का नारा दिया जाता है, लेकिन सड़क से लेकर स्कूल-कॉलेज तक छात्राओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने महिला सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाने की मांग की।
आइसा रांची जिला अध्यक्ष विजय कुमार ने कहा कि ऐसी घटनाओं पर केवल किसी एक आरोपी को सजा देने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने महिलाओं की स्वतंत्रता पर रोक लगाने वाली सामंती और पितृसत्तात्मक सोच के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
आइसा रांची जिला सचिव संजना मेहता ने कहा कि महिला विरोधी बयान, धमकी या संदेश सामने आने पर प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी मामले में निष्पक्ष और कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच कर घटना से जुड़े सभी लोगों की भूमिका सामने लाई जानी चाहिए तथा दोषियों को कानून के मुताबिक सजा मिलनी चाहिए।
प्रतिवाद सभा में आइसा और ऐपवा के पदाधिकारियों के अलावा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और महिलाएं शामिल हुईं। आइसा की ओर से त्रिलोकी नाथ, विजय कुमार, संजना मेहता, राकेश बड़ाइक, अनमोल, सत्य प्रकाश, सृष्टि भट्टाचार्य, सुफियान, मयान, कबीर, सुहानी, निखिल और पंकज सहित अन्य मौजूद रहे। वहीं ऐपवा की ओर से नंदिता भट्टाचार्य, सुषमा मेहता, ऐति तिर्की, शांति सेन और गीता तिर्की समेत अन्य महिलाएं शामिल हुईं।