पहली बार संताली सिनेमा के नाम ऐसा सम्मान, द्रौपदी मुर्मू के हाथों ‘आंगेन’ के निर्देशक रवि राज मुर्मू पुरस्कृतBy Mid Time Bureau Tue, 22 September 2026 07:24 PM

रांची : झारखंड की लोककथा और संताली भाषा में कही गई एक कहानी अब देश के सबसे बड़े फिल्मी सम्मान तक पहुंच गई है। संताली लघु फिल्म ‘आंगेन’ के निर्देशक रवि राज मुर्मू को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में ‘बेस्ट डेब्यू फिल्म ऑफ ए डायरेक्टर’ (नॉन-फीचर) का पुरस्कार दिया गया। गुजरात के एकता नगर में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया।

‘आंगेन’ के लिए मिला यह पुरस्कार संताली सिनेमा के लिहाज से भी खास है। 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में पहली बार किसी संताली फिल्म को नॉन-फीचर फिल्म श्रेणी में राष्ट्रीय सम्मान मिला है। फिल्म ने संताली भाषा, स्थानीय लोककथा और आदिवासी समाज से जुड़े जीवन को राष्ट्रीय स्तर के मंच तक पहुंचाया।

रवि राज मुर्मू पूर्वी सिंहभूम जिले के जादूगोड़ा क्षेत्र से जुड़े हैं। जुलाई 2026 में जब ‘आंगेन’ को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के लिए चुने जाने की घोषणा हुई थी, तभी से उनकी इस उपलब्धि को लेकर झारखंड में चर्चा थी। अब पुरस्कार समारोह में सम्मान मिलने के साथ यह उपलब्धि आधिकारिक तौर पर एक यादगार पड़ाव बन गई है।

‘आंगेन’ की खासियत इसकी कहानी और उसका स्थानीय परिवेश है। संताली भाषा में बनी इस फिल्म के जरिए लोककथा, परंपरा, गांव की जिंदगी और अपनी जड़ों से जुड़े रहने जैसे पहलुओं को सामने रखा गया है। राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने के बाद संताली भाषा में फिल्म निर्माण करने वाले कलाकारों और युवा फिल्मकारों के लिए भी यह उपलब्धि चर्चा का विषय बनी है।

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार हासिल करने के बाद रवि राज मुर्मू बुधवार को झारखंड लौटेंगे। बिरसा मुंडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, रांची पर उनके स्वागत की तैयारी की गई है।

जादूगोड़ा से शुरू हुआ यह सफर अब राष्ट्रीय फिल्म मंच तक पहुंच चुका है। ‘आंगेन’ का सम्मान संताली सिनेमा के इतिहास में दर्ज होने वाली उपलब्धि बन गया है और झारखंड की स्थानीय कहानी को देश के बड़े फिल्म मंच पर जगह मिली है।