
रांची: प्रकृति, परंपरा और भाई-बहन के स्नेह से जुड़ा करम पर्व मंगलवार को पूरे झारखंड में उत्साह और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया। राजधानी रांची में भी सुबह से ही करम पर्व को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। शहर के विभिन्न अखड़ों को आकर्षक ढंग से सजाया गया और शाम होते ही मांदर की थाप, करमा गीत और पारंपरिक नृत्य से अखड़े गुलजार हो उठे।
रांची के करमटोली, हातमा, हरमू देशावली, मोरहाबादी, मधुकम, पहाड़ी टोला, अरगोड़ा, पिस्का मोड़, सिरमटोली, हिंदपीढ़ी और इरगू टोली समेत कई इलाकों में करम पर्व की विशेष तैयारियां की गई थीं। अखड़ों में रंग-बिरंगी सजावट के साथ पूजा स्थल को पारंपरिक तरीके से तैयार किया गया। रांची जिले में कुल 298 अखड़ों में पूजा और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाने की जानकारी सामने आई थी।
पर्व के अवसर पर महिलाओं और युवतियों ने भाई-बहनों की सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना के साथ उपवास रखा। वहीं पारंपरिक रूप से तैयार किए गए जावा को पूजा में शामिल किया गया। करम डाली को अखड़े में विधि-विधान के साथ स्थापित कर करम देव की पूजा-अर्चना की गई। पूजा के बाद पारंपरिक गीत और नृत्य का दौर शुरू हुआ।
करम पर्व के दौरान रांची के कई इलाकों में देर रात तक सांस्कृतिक कार्यक्रम चलते रहे। मांदर, नगाड़े और अन्य पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन पर महिला-पुरुष और युवा पारंपरिक नृत्य में शामिल हुए। अलग-अलग अखड़ों में लोगों ने सामूहिक रूप से पर्व की खुशियां मनाईं।
रांची में करम पर्व की पूर्व संध्या पर भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। आड्रे हाउस में आयोजित कार्यक्रम में झारखंड के 12 जिलों से पहुंचे कलाकारों ने करम नृत्य की विभिन्न शैलियों की प्रस्तुति देकर राज्य की सांस्कृतिक विविधता की झलक पेश की।
राजधानी के अलावा खूंटी, जामताड़ा, पलामू, दुमका, गिरिडीह और चतरा समेत राज्य के विभिन्न जिलों में भी करम पर्व को लेकर उत्साह देखने को मिला। गांवों और कस्बों में पूजा स्थलों की सजावट की गई और सामूहिक आयोजन हुए। कई स्थानों पर महिलाओं और युवतियों ने पारंपरिक गीतों पर नृत्य कर पर्व की खुशियां साझा कीं।
करम पर्व झारखंड की लोक एवं जनजातीय संस्कृति से गहराई से जुड़ा पर्व है। प्रकृति के प्रति आस्था, कृषि जीवन, सामुदायिक सहभागिता और भाई-बहन के स्नेह से जुड़े इस पर्व में लोकगीत और पारंपरिक नृत्य का विशेष महत्व है। इस वर्ष भी करम पर्व ने झारखंड की समृद्ध लोक संस्कृति और पारंपरिक जीवनशैली की खूबसूरत तस्वीर पेश की।
