
जमशेदपुर: जमशेदपुर में इन दिनों अपराध की घटनाएं एक-दूसरे के बाद सामने आ रही हैं। शहर में एक बड़ी वारदात की गूंज शांत भी नहीं होती कि दूसरी घटना सामने आ जाती है। हाल के दिनों में बैंक डकैती, हत्या और गोलीबारी जैसी घटनाओं ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। खासकर कारोबारियों के बीच डर का माहौल है।
24 सितंबर को गोलमुरी के केनरा बैंक में हुई डकैती ने पूरे शहर को हिला दिया। सुबह के वक्त पांच हथियारबंद बदमाश बैंक में दाखिल हुए और कैश के साथ लॉकर में रखे जेवरात भी लूट ले गए। करीब 40 लाख रुपये नकद और लगभग 33 करोड़ रुपये के जेवरात लूटे जाने की जानकारी सामने आई। वारदात के बाद बदमाश पैदल निकल गए। इसके बाद उसी इलाके में ज्वेलरी दुकान में चोरी की घटना भी सामने आई।
इस घटना के विरोध में गोलमुरी के कारोबारियों ने बाजार बंद कर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। पुलिस ने अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित किया है, लेकिन शहर में इसके बाद हुई एक और घटना ने चिंता बढ़ा दी।
मरीन ड्राइव के बिंदल मॉल के पास शनिवार को हुई फायरिंग से इलाके में अचानक अफरा-तफरी मच गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार गोलीबारी में तीन लोग घायल हुए हैं। बैंक डकैती के ठीक दो दिन बाद दिनदहाड़े हुई इस घटना ने लोगों की बेचैनी और बढ़ा दी है।
हालांकि जमशेदपुर में आपराधिक घटनाओं का सिलसिला सिर्फ इन दो वारदातों तक सीमित नहीं है। इससे पहले 24 अगस्त को होटल क्रिस्टल के मालिक और कारोबारी निखार सबलोक की गोली मारकर हत्या की गई थी। वहीं 27 जून को डीडी बार के नीचे हिमांशु सिंह की हत्या हुई थी। 25 अगस्त को सीतारामडेरा के चयनगर से चंदन गिरि का शव बरामद किया गया था।
इन बड़ी घटनाओं के बीच चोरी, छिनतई और लूटपाट की घटनाएं भी लगातार सामने आ रही हैं। 23 सितंबर को साकची में पुलिस ने अवैध जुआ और लॉटरी से जुड़े एक रैकेट का खुलासा किया था।
यानी जमशेदपुर में इस वक्त चुनौती सिर्फ एक-दो बड़ी वारदातों की नहीं है। लगातार अलग-अलग इलाकों से सामने आ रही घटनाओं ने शहर के कारोबार और आम जिंदगी दोनों पर असर डाला है। कारोबारी सुरक्षा की मांग कर रहे हैं और आम लोग भी रात ही नहीं, दिन में भी सतर्क रहने को मजबूर हैं।
अब इन घटनाओं के बीच पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि अपराधियों पर लगाम कैसे लगे और शहर के लोगों के बीच सुरक्षा का भरोसा कैसे वापस आए।