
रांची: रांची रेलवे स्टेशन परिसर के बाहर से 24 सितंबर की सुबह अगवा किए गए चार वर्षीय विवान कुमार को पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है। चुटिया थाना में इस मामले में कांड संख्या 138/26 के तहत धारा 137(2) भारतीय न्याय संहिता के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक, रांची के निर्देश पर विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया था।
पुलिस के अनुसार, एसआईटी ने तकनीकी अनुसंधान और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर 27 सितंबर को धनबाद रेलवे स्टेशन से संदिग्ध रोहित मुखर्जी उर्फ डॉन को धनबाद पुलिस और आरपीएफ के सहयोग से हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान पुलिस ने उसके घटना में शामिल होने की बात सामने आने का दावा किया। उसकी निशानदेही पर साहिबगंज पुलिस के सहयोग से तीनपहाड़ क्षेत्र में छापेमारी की गई, जहां से बच्चे को बिट्टु कुमार सिंह के नानी घर से सकुशल बरामद किया गया।
मामले में पुलिस ने रोहित मुखर्जी उर्फ डॉन, बिट्टु कुमार सिंह, छोटु कुमार, जमादार शेख और तसबोर शेख को गिरफ्तार किया है। वहीं एक किशोर को भी निरुद्ध किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से पांच मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसंधान में यह भी बात सामने आने की जानकारी दी गई है कि रोहित मुखर्जी कथित तौर पर चोरी के मामलों में जेल भेजे गए बच्चों को जमानत दिलाने में सहयोग करता था और लावारिस बच्चों को अपने गिरोह में शामिल कर भीड़भाड़ वाले शहरों में मोबाइल चोरी करवाता था। पुलिस के अनुसार, चोरी किए गए मोबाइल को बांग्लादेश में खपाने की बात भी जांच में सामने आई है।
गिरफ्तार आरोपियों में रोहित मुखर्जी उर्फ डॉन (43), बिट्टु कुमार सिंह (19), छोटु कुमार (25), जमादार शेख (40) और तसबोर शेख (45) शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक रोहित मुखर्जी का पूर्व में कोतवाली थाना में मामला दर्ज है, जबकि छोटु कुमार के खिलाफ तीनपहाड़ थाना में भी केस दर्ज है। मामले में आगे की जांच जारी है।