जवाहर विद्या मंदिर श्यामली में ‘साइंटिफिक टेंपरामेंट’ पर कार्यशालाBy Mid Time Bureau Tue, 29 September 2026 12:40 PM

रांची: जवाहर विद्या मंदिर, श्यामली में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के तत्वावधान में शिक्षकों के लिए एक दिवसीय इन-हाउस प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य विषय ‘साइंटिफिक टेंपरामेंट’ यानी वैज्ञानिक दृष्टिकोण रहा। इसमें विद्यालय के 70 प्रशिक्षु शिक्षकों ने हिस्सा लिया।

कार्यशाला का शुभारंभ अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर उप प्राचार्या अनुपमा श्रीवास्तव, स्कूल समन्वयक सुष्मिता मिश्रा, प्रशिक्षण नोडल अधिकारी इंद्रजीत कुमार, मुख्य वक्ता व रिसोर्स पर्सन सोमेन डे, माध्यमिक प्रभाग प्रभारी शीलेश्वर झा ‘सुशील’, प्राथमिक प्रभाग प्रभारी दीपक सिन्हा और ममता दास मौजूद रहीं।

करीब पांच घंटे चले प्रशिक्षण सत्र में मुख्य वक्ता सोमेन डे ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण से जुड़े आठ महत्वपूर्ण मॉड्यूल पर विस्तार से चर्चा की। सत्र में प्राचीन भारत की वैज्ञानिक विरासत, अंधविश्वास और छद्म विज्ञान के प्रभाव, क्रिटिकल थिंकिंग तथा तार्किक सोच जैसे विषयों पर शिक्षकों को जानकारी दी गई। साथ ही दैनिक जीवन में वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने और कक्षा शिक्षण को प्रयोगात्मक एवं व्यावहारिक बनाने के तरीकों पर भी चर्चा हुई।

प्रशिक्षण को प्रभावी बनाने के लिए ऑडियो-वीडियो सामग्री, प्रयोगात्मक गतिविधियों, प्रश्नोत्तरी और संवादात्मक सत्रों का उपयोग किया गया। शिक्षकों ने विभिन्न गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

विद्यालय के प्रशिक्षण नोडल अधिकारी इंद्रजीत कुमार ने कहा कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण केवल प्रयोगशाला और आविष्कारों तक सीमित नहीं है। हर विषय को तार्किक और वैज्ञानिक तरीके से समझना जरूरी है। वहीं उप प्राचार्या अनुपमा श्रीवास्तव ने कहा कि शिक्षक समाज में वैज्ञानिक चेतना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने प्रशिक्षण से मिली सीख को कक्षा शिक्षण में लागू करने पर जोर दिया।

कार्यशाला के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण को दैनिक जीवन और शिक्षण पद्धति में अपनाने का संकल्प लिया।