
रांची: विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए रांची नगर निगम ने शहर के विभिन्न कोचिंग संस्थानों में भवन एवं सुरक्षा मानकों के अनुपालन को लेकर विशेष जांच अभियान तेज कर दिया है। जांच के दौरान निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने वाले कोचिंग संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई की गई है।
इसी क्रम में बुधवार, 30 सितंबर को सील किए गए कोचिंग संस्थानों के प्रबंधकों और शहर के अन्य कोचिंग संचालकों ने नगर आयुक्त सुशांत गौरव से मुलाकात की। संचालकों ने निर्धारित नियमों और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने की दिशा में आवश्यक पहल करने का आश्वासन दिया।
बैठक में नगर आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य किसी संस्थान की शैक्षणिक गतिविधियों को प्रभावित करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि कोचिंग संस्थानों में विद्यार्थियों को सुरक्षित और मानकों के अनुरूप शैक्षणिक वातावरण मिले।
नगर आयुक्त ने कहा कि नेशनल बिल्डिंग कोड, झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 और झारखंड भवन उपविधि में निर्धारित मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित होने के बाद ही नियमानुसार सील हटाने की प्रक्रिया पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कोचिंग संचालकों से सीलिंग को केवल दंडात्मक कार्रवाई के रूप में न देखते हुए संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था और आधारभूत संरचना को बेहतर बनाने का अवसर मानने की अपील की।
इन सुरक्षा मानकों पर विशेष जोर
नगर निगम ने कोचिंग संस्थानों को फायर एनओसी और अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन, वैध ट्रेड लाइसेंस, विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित एवं पर्याप्त प्रवेश-निकास व्यवस्था, निर्धारित क्षमता के अनुसार सीटिंग व्यवस्था तथा आपात स्थिति में सुरक्षित निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा भवन से जुड़े सुरक्षा एवं आधारभूत मानकों का अनुपालन, नियमित मॉक ड्रिल और आपदा प्रबंधन की तैयारी पर भी जोर दिया गया है।
जिन संस्थानों में मॉडिफिकेशन, एनओसी या अन्य वैधानिक अनुपालन लंबित हैं, उन्हें इसे जल्द पूरा करने का निर्देश दिया गया है। मानकों का अनुपालन पूरा करने के बाद संबंधित कोचिंग संस्थानों को शपथ-पत्र के माध्यम से नगर निगम को इसकी जानकारी देनी होगी। इसके आधार पर नियमानुसार डी-सीलिंग की प्रक्रिया पर विचार किया जाएगा।
नगर आयुक्त ने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों का भविष्य और सुरक्षा संस्थानों के भरोसे सौंपते हैं। ऐसे में प्रत्येक कोचिंग संस्थान की जिम्मेदारी है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक मानकों का पालन करे। नगर निगम की ओर से कोचिंग संस्थानों में विशेष जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।