झारखंड हेल्थ कॉन्क्लेव-2026 का समापन, AI और टेली-आईसीयू से गांवों तक पहुंचेगी विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाBy Mid Time Bureau Thu, 01 October 2026 05:32 PM

रांची: झारखंड हेल्थ कॉन्क्लेव-2026 का दो दिवसीय आयोजन गुरुवार को संपन्न हो गया। समापन समारोह में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि यह कॉन्क्लेव महज दो दिनों का आयोजन नहीं, बल्कि झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को आधुनिक, डिजिटल और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में एक नई शुरुआत है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि दुनिया जिस तेजी से हाईटेक तकनीक को अपना रही है, झारखंड भी उसी गति से आगे बढ़ेगा। उनका लक्ष्य स्वास्थ्य के क्षेत्र में झारखंड को देश के अग्रणी राज्यों में खड़ा करना है।

डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता ऐसी स्वास्थ्य व्यवस्था तैयार करना है, जहां गरीब से गरीब मरीज को भी आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण इलाज अपने राज्य में ही मिल सके। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से सक्षम व्यक्ति इलाज के लिए दूसरे राज्यों या विदेश तक जा सकता है, लेकिन गरीब मरीज के लिए ऐसा करना आसान नहीं है। इसलिए झारखंड में ही बेहतर चिकित्सा सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।

AI और टेली-आईसीयू से दूरदराज के इलाकों तक पहुंचेगा इलाज

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि राज्य के पीएचसी, सीएचसी, रेफरल अस्पताल, सदर अस्पताल और मेडिकल कॉलेजों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की दिशा में काम किया जा रहा है। आईसीयू, वेंटिलेटर, एमआरआई, सीटी स्कैन और रेडियोलॉजी जैसी सुविधाओं को मजबूत करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि टेली-आईसीयू, टेली-रेडियोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी तकनीकों की मदद से पहाड़ी, सुदूर और ग्रामीण इलाकों के मरीजों तक विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह पहुंचाई जा सकती है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं में मौजूद गैप को कम करने में मदद मिलेगी।

निवेशकों और विशेषज्ञों का किया आभार

कॉन्क्लेव में देश-विदेश से पहुंचे स्वास्थ्य विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों, कंपनियों और निवेशकों का स्वास्थ्य मंत्री ने आभार जताया। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों ने झारखंड को आधुनिक तकनीक और स्वास्थ्य क्षेत्र में नई संभावनाओं से परिचित कराया है।

डॉ. अंसारी ने कहा कि कॉन्क्लेव में मिले सुझावों और विशेषज्ञों की प्रस्तुतियों को गंभीरता से लिया गया है। उपयोगी सुझावों और तकनीकों को जल्द से जल्द धरातल पर उतारने का प्रयास किया जाएगा।

उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश करने वाली कंपनियों का झारखंड में स्वागत करते हुए कहा कि अस्पताल, मेडिकल संस्थान और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं विकसित करने वाले निवेशकों को प्रोत्साहित किया जाएगा।

मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने की तैयारी

स्वास्थ्य मंत्री ने झारखंड में विशेषज्ञ चिकित्सा संस्थानों के विस्तार को भी प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल राज्य के मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि झारखंड को मेडिकल टूरिज्म के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित करना भी है।

उन्होंने कहा कि ऐसी विशेषज्ञ स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित करने का प्रयास किया जाएगा, जिससे झारखंड के मरीजों को इलाज के लिए दूसरे राज्यों का रुख कम करना पड़े और दूसरे राज्यों के मरीज भी इलाज के लिए झारखंड आ सकें।

डिजिटल हेल्थ और AI पर विशेषज्ञों ने दिया जोर

कॉन्क्लेव में एआई, टेली-आईसीयू, टेली-रेडियोलॉजी, डिजिटल हेल्थ पोर्टल और डेटा आधारित स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर विशेषज्ञों ने प्रस्तुतियां दीं।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि AI का उद्देश्य डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों का विकल्प बनना नहीं, बल्कि उनकी क्षमता और पहुंच को मजबूत करना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक का सबसे बड़ा लाभ झारखंड के दूरदराज के इलाकों में रहने वाले मरीजों को मिलना चाहिए।

डॉक्टरों और ICU बेड की कमी बड़ी चुनौती

कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने राज्य में डॉक्टरों, विशेषज्ञ चिकित्सकों, अस्पतालों और आईसीयू बेड की कमी को बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने डिजिटल हेल्थ और AI के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया।

उन्होंने टेली-आईसीयू के जरिए सुदूर क्षेत्रों के मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह उपलब्ध कराने और टेली-रेडियोलॉजी के माध्यम से दूरदराज के क्षेत्रों में विशेषज्ञ जांच सेवाएं पहुंचाने की संभावनाओं पर चर्चा की।

एनएचए के सीईओ डॉ. सुनील कुमार बरनवाल ने आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के साथ डिजिटल हेल्थ सेवाओं के एकीकरण की जानकारी दी। वहीं, विशेष सचिव डॉ. नेहा अरोड़ा ने कॉन्क्लेव में शुरू किए गए डिजिटल स्वास्थ्य पोर्टलों के बारे में बताया। अपर सचिव शशि प्रकाश सिंह ने झारखंड में AI आधारित हेल्थ ट्रांसफॉर्मेशन की संभावनाओं पर प्रस्तुतीकरण दिया।

‘यह शुरुआत है, मंजिल अभी बाकी है’

समापन समारोह में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि कॉन्क्लेव के दौरान झारखंड तक पहुंची तकनीक, विशेषज्ञता और ज्ञान को अब जमीन पर उतारना सबसे महत्वपूर्ण चुनौती है।

उन्होंने कहा कि मरीज की जरूरत सरकार की प्राथमिकता है और बेहतर तकनीक के साथ गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराना लक्ष्य है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, चिकित्सकों, कर्मचारियों, विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों और कंपनियों समेत कॉन्क्लेव से जुड़े सभी लोगों का आभार जताया।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कॉन्क्लेव में मिली सीख को केवल कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा जाएगा। उपयोगी तकनीकों और सुझावों को चरणबद्ध तरीके से स्वास्थ्य व्यवस्था में लागू करने का प्रयास किया जाएगा।

सरकार का फोकस अब डिजिटल तकनीक, विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को राज्य के दूरदराज इलाकों तक पहुंचाने पर है।