
भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में इतिहास रच दिया है। शुक्रवार, 2 अक्टूबर को काकामिगाहारा के गिफू प्रीफेक्चरल ग्रीन स्टेडियम में खेले गए फाइनल में भारत ने चीन को 1-0 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक के लिए भी क्वालिफाई कर लिया है।
फाइनल का एकमात्र गोल लालरेमसियामी ने 10वें मिनट में किया। सलीमा टेटे और साक्षी के शानदार मूव के बाद लालरेमसियामी ने रिवर्स-हिट के जरिए गेंद को गोल में पहुंचाया और भारत को शुरुआती बढ़त दिला दी।
पहले क्वार्टर में भारतीय टीम ने मुकाबले पर अच्छी पकड़ बनाए रखी। हालांकि दूसरे क्वार्टर में चीन ने जोरदार वापसी की और लगातार भारतीय डिफेंस पर दबाव बनाया। चीन को दो पेनल्टी कॉर्नर मिले, जबकि 23वें मिनट में उसे पेनल्टी स्ट्रोक भी मिला।
झांग यिंग ने पेनल्टी स्ट्रोक लिया, लेकिन भारतीय गोलकीपर सविता पूनिया ने शानदार बचाव करते हुए चीन को बराबरी करने से रोक दिया। इसके बाद भी चीनी टीम ने कई हमले किए, लेकिन भारतीय डिफेंस ने उन्हें गोल में तब्दील नहीं होने दिया।
तीसरे क्वार्टर में चीन ने दबाव और बढ़ाया। इस दौरान उसे तीन पेनल्टी कॉर्नर मिले। एक मौके पर चीन को पेनल्टी स्ट्रोक भी दिया गया था, लेकिन भारतीय टीम के रिव्यू के बाद फैसला बदला गया और पेनल्टी स्ट्रोक की जगह पेनल्टी कॉर्नर मिला।
आखिरी क्वार्टर में भी भारतीय खिलाड़ियों ने संयम बनाए रखा और चीन के लगातार हमलों का डटकर सामना किया। सविता पूनिया और भारतीय डिफेंस की मजबूत मौजूदगी ने चीन को गोल करने का कोई मौका नहीं दिया।
सलीमा टेटे की कप्तानी और शोर्ड मारिन की कोचिंग में भारतीय महिला हॉकी टीम ने 44 साल बाद एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतकर नया इतिहास बनाया। इस स्वर्ण पदक के साथ टीम ने न सिर्फ एशिया में अपना दबदबा दिखाया, बल्कि लॉस एंजेलिस ओलंपिक 2028 का टिकट भी हासिल कर लिया।