
रांची: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), MMDR और जातीय जनगणना के प्रारूप में OBC कॉलम हटाए जाने के मुद्दे पर आंदोलन तेज करने की बात कही है। शुक्रवार को प्रदेश राजद प्रवक्ता कैलाश यादव ने देवघर विधायक एवं राजद विधायक दल के नेता सुरेश पासवान से उनके आवास पर मुलाकात की। इस दौरान संगठनात्मक गतिविधियों और आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों को लेकर चर्चा हुई।
राजद प्रवक्ता कैलाश यादव के अनुसार, बातचीत के दौरान सुरेश पासवान ने SIR और अन्य मुद्दों को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं से लोकतांत्रिक तरीके से सड़क पर उतरकर विरोध दर्ज कराने की बात कही। यादव ने बिहार में हुए SIR का हवाला देते हुए कहा कि इस प्रक्रिया को लेकर राजद लगातार सवाल उठाता रहा है और गरीब, ग्रामीण, मजदूर तथा अन्य वंचित वर्गों के मतदाताओं के नाम प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।
निर्वाचन आयोग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, बिहार में 24 जून 2025 को 7.89 करोड़ मतदाता थे। SIR के दौरान 1 अगस्त को जारी ड्राफ्ट सूची में करीब 65 लाख नाम शामिल नहीं थे। आयोग ने अंतिम सूची 30 सितंबर 2025 को प्रकाशित की, जिसमें करीब 7.42 करोड़ मतदाता दर्ज किए गए। आयोग ने दावा किया था कि पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों की भी भागीदारी रही और पात्र मतदाताओं को दावा प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया।
राजद नेताओं ने आरोप लगाया कि SIR की प्रक्रिया से गरीब, आदिवासी, दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों के मताधिकार पर असर पड़ सकता है। हालांकि, ये आरोप राजद नेताओं के राजनीतिक दावे हैं। निर्वाचन आयोग का कहना है कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण कानून के तहत किया जाता है और पात्र मतदाताओं के लिए दावा एवं आपत्ति की प्रक्रिया उपलब्ध रहती है।
बैठक के दौरान MMDR के जरिए झारखंड के खनिज संसाधनों से जुड़े मुद्दे और जातीय जनगणना में OBC कॉलम को लेकर भी चर्चा हुई। राजद नेताओं ने इन मुद्दों पर राज्यभर में लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करने की बात कही।
कैलाश यादव ने बताया कि रांची जिला राजद की ओर से 4 अक्टूबर को शाम 4:30 बजे धुर्वा बस स्टैंड पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पुतले का दहन कर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। कार्यक्रम में रांची के राजद नेता और कार्यकर्ताओं के शामिल होने की बात कही गई है।
सुरेश पासवान से मुलाकात के दौरान महिला राजद नेत्री ऊषा यादव, पार्वती ठाकुर, आशा देवी, शारदा देवी समेत अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद थीं।