PM मोदी के 25 साल पूरे! बाबूलाल मरांडी बोले- सेवा और संकल्प की है ये यात्राBy Mid Time Bureau Wed, 07 October 2026 12:48 PM

एक साधारण संगठन कार्यकर्ता से लेकर देश के प्रधानमंत्री तक का सफर… नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे हो गए हैं। इसी मौके पर बीजेपी की ओर से देशभर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जा रहा है। बीजेपी के मुताबिक, यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलेगा।

झारखंड बीजेपी के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस यात्रा को सेवा, संगठन और राष्ट्र निर्माण से जोड़ते हुए उनके 25 साल के सार्वजनिक जीवन को रेखांकित किया है।

साल 2001 में नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर अपनी राजनीतिक जिम्मेदारी संभाली। उस समय गुजरात भूकंप की त्रासदी से उबर रहा था। बीजेपी का दावा है कि इसी दौर में गुजरात में प्रशासनिक सुधार, बुनियादी ढांचे और विकास को लेकर कई बड़े फैसले लिए गए।

गांवों तक बिजली पहुंचाने के लिए ज्योतिग्राम योजना, खेती में नई तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए कृषि महोत्सव और जल संरक्षण से जुड़ी योजनाओं को गुजरात मॉडल के प्रमुख हिस्सों के तौर पर पेश किया जाता है। वहीं, वाइब्रेंट गुजरात समिट के जरिए निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ाने की कोशिश की गई।

इसके अलावा स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला कल्याण से जुड़ी कई योजनाओं को भी गुजरात के विकास मॉडल का हिस्सा बताया गया। बीजेपी का कहना है कि गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी ने शासन में सुशासन, विकास और जनभागीदारी को प्राथमिकता दी।

इसके बाद साल 2014 में नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने। केंद्र की सत्ता संभालने के बाद उनकी सरकार ने गरीब कल्याण, डिजिटल व्यवस्था, बुनियादी ढांचे और आत्मनिर्भरता को प्रमुख एजेंडे में शामिल किया।

जनधन योजना के जरिए करोड़ों बैंक खाते खोलने, उज्ज्वला योजना के तहत महिलाओं को गैस कनेक्शन देने, प्रधानमंत्री आवास योजना के जरिए घर उपलब्ध कराने और जल जीवन मिशन के माध्यम से ग्रामीण घरों तक नल का पानी पहुंचाने जैसे कदमों को सरकार की प्रमुख योजनाओं में गिना जाता है।

आयुष्मान भारत, पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा और मुफ्त राशन जैसी योजनाओं के जरिए केंद्र सरकार ने गरीबों और किसानों तक सीधे लाभ पहुंचाने का दावा किया है।

महिलाओं के लिए भी कई योजनाओं और कानूनों को मोदी सरकार के कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों के तौर पर पेश किया गया है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, सुकन्या समृद्धि, तीन तलाक पर कानून, महिला आरक्षण और लखपति दीदी जैसी पहलों को इसी दिशा में उठाए गए कदम बताया जाता है।

युवाओं और उद्योग के मोर्चे पर मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और स्किल इंडिया जैसी पहलों के जरिए रोजगार, तकनीक और उत्पादन को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।

मोदी सरकार के कार्यकाल में कई ऐसे फैसले भी हुए, जिन्हें बीजेपी राष्ट्रहित से जोड़कर देखती है। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को हटाना, अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और आतंकवाद के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक व एयर स्ट्राइक को पार्टी निर्णायक फैसलों के उदाहरण के तौर पर पेश करती है।

कोरोना महामारी के दौरान भारत के वैक्सीनेशन अभियान और दूसरे देशों को वैक्सीन की आपूर्ति का भी जिक्र किया जाता है। इसके साथ ही चंद्रयान-3 की सफलता, आदित्य-L1 मिशन और वंदे भारत जैसी परियोजनाओं को भारत की बढ़ती तकनीकी और बुनियादी क्षमता से जोड़कर देखा जाता है।

झारखंड की बात करें तो बीजेपी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में आदिवासी समाज से जुड़े कई फैसलों को अहम बताती है। भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस का दर्जा देना, रांची में जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम संग्रहालय और उलिहातू से जुड़ी विकास योजनाओं को इसी संदर्भ में रखा जाता है।

बीजेपी का कहना है कि केंद्र की योजनाओं के जरिए झारखंड में सड़क, रेल, स्वास्थ्य, शिक्षा और आदिवासी विकास से जुड़ी परियोजनाओं को गति मिली है।

अब नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने पर बीजेपी इसे सिर्फ एक राजनीतिक उपलब्धि के तौर पर नहीं, बल्कि संगठन और सेवा से जुड़ी यात्रा के रूप में पेश कर रही है।

बाबूलाल मरांडी के मुताबिक, एक कार्यकर्ता से प्रधानमंत्री तक का यह सफर सेवा और संगठन की भावना से जुड़ा है। बीजेपी का लक्ष्य इस अभियान के जरिए कार्यकर्ताओं को गांव-गांव तक पहुंचाना और केंद्र सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद करना है।

25 साल की इस राजनीतिक यात्रा के जरिए बीजेपी अब 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को भी आगे बढ़ाने का संकल्प दोहरा रही है। झारखंड में भी पार्टी इस अभियान को संगठन के विस्तार और जनसंपर्क से जोड़कर आगे बढ़ाने की तैयारी में है।