SIR को लेकर बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस से मांगा बूथ स्तर का हिसाब, राहुल गांधी के दावे पर उठाए सवालBy Mid Time Bureau Wed, 07 October 2026 03:27 PM

Ranchi: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लगातार मतदाताओं के अधिकार और वोटर लिस्ट को लेकर सवाल उठा रहे हैं, लेकिन कांग्रेस को यह भी बताना चाहिए कि वह जमीनी स्तर पर मतदाताओं की मदद के लिए क्या कर रही है। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि SIR की प्रक्रिया में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की भी जिम्मेदारी तय है। बीएलए-1 के जरिए पार्टी अपने अधिकृत प्रतिनिधि की जानकारी देती है, जबकि बीएलए-2 के माध्यम से बूथ एजेंट नियुक्त किए जाते हैं। उनके मुताबिक बूथ एजेंट बीएलओ के साथ तालमेल कर उन पात्र लोगों की मदद कर सकते हैं, जिनका नाम किसी वजह से मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाया है।

उन्होंने कहा कि नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 की व्यवस्था है। अगर किसी दावे पर फैसला आवेदक के पक्ष में नहीं आता है, तो उसके पास अपील करने का रास्ता भी मौजूद है। सत्यापन के बाद ऐसे मामलों पर फैसला निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी यानी ईआरओ करते हैं। इसी को आधार बनाते हुए बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस से सवाल किया कि उसके बूथ एजेंटों ने कितने पात्र लोगों को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कराने में मदद की। उन्होंने यह भी पूछा कि कितने मामलों में कांग्रेस के प्रतिनिधि लोगों के साथ अपील की प्रक्रिया में खड़े हुए।

उन्होंने कहा कि अगर SIR के दौरान किसी इलाके में वास्तविक गड़बड़ी हुई है, तो कांग्रेस को केवल आरोप लगाने के बजाय उसके प्रमाण सामने रखने चाहिए। साथ ही ऐसी शिकायतों के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों के सामने मामला उठाना चाहिए। बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस के बूथ स्तर के संगठन को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि क्या पार्टी के पास बीएलए-1 और बीएलए-2 के तहत नियुक्त प्रतिनिधि सक्रिय हैं और क्या वे मतदाताओं की मदद के लिए बूथ स्तर पर काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक पुरानी राजनीतिक पार्टी है और उसे चुनावी प्रक्रिया की जानकारी है। ऐसे में SIR को लेकर लोगों के बीच सिर्फ चिंता जताने के बजाय पार्टी को यह भी सार्वजनिक करना चाहिए कि उसके कार्यकर्ताओं और बूथ एजेंटों ने इस पूरी प्रक्रिया के दौरान कितने लोगों की मदद की।