रूपी सोरेन को नेमरा में अंतिम विदाई, मां को मुखाग्नि देते वक्त भावुक हुए हेमंत सोरेनBy Mid Time Bureau Thu, 08 October 2026 06:59 PM

Ranchi: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन अब पंचतत्व में विलीन हो गई हैं। 8 अक्टूबर को रामगढ़ जिले के पैतृक गांव नेमरा स्थित श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। पूरे पारंपरिक रीति-रिवाज और सम्मान के साथ हुई अंतिम विदाई में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी मां को मुखाग्नि दी।
मां को अंतिम विदाई देने का यह पल मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के लिए बेहद भावुक रहा। मुखाग्नि देते समय वह खुद को संभाल नहीं पाए और फूट-फूटकर रो पड़े। उन्हें इस तरह भावुक देख वहां मौजूद परिवार के सदस्य, समर्थक और करीबियों ने उन्हें संभाला और ढांढस बंधाया। अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद हेमंत सोरेन वहां मौजूद लोगों से हाथ जोड़कर मिले।

रांची से रूपी सोरेन का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव नेमरा लाया गया था। उनके अंतिम दर्शन और अंतिम विदाई के लिए गांव में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। स्थानीय ग्रामीणों के साथ झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ता और कई राजनीतिक नेता भी नेमरा पहुंचे। रूपी सोरेन के निधन के बाद से ही गांव में शोक का माहौल बना हुआ था।
80 वर्षीय रूपी सोरेन का 7 अक्टूबर को रांची के अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद निधन हुआ था। उनके निधन की खबर सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े कई लोगों ने शोक जताया। इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए नेमरा ले जाया गया, जहां बेटे हेमंत सोरेन ने उन्हें आखिरी विदाई दी।