बिजलीकर्मियों का बकाया वेतन कब मिलेगा? अजय राय ने जीएम के सामने रखीं मांगेंBy Mid Time Bureau Fri, 09 October 2026 02:42 PM

जमशेदपुर में वर्षों से वेतन और अन्य सुविधाओं से वंचित मानव दिवस कर्मियों का मामला एक बार फिर उठाया गया है। झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ के केंद्रीय अध्यक्ष अजय राय ने 9 अक्टूबर 2026 को जमशेदपुर विद्युत आपूर्ति क्षेत्र के महाप्रबंधक अजीत कुमार से मुलाकात कर कर्मियों की समस्याओं को सामने रखा। इस दौरान संघ ने बकाया वेतन, एरियर, ईपीएफ-ईएसआईसी और निजी एजेंसियों की कार्यप्रणाली से जुड़ी शिकायतों को लेकर मांग-पत्र सौंपा। बैठक में विद्युत अधीक्षण अभियंता सुधीर कुमार भी मौजूद रहे।

पांच कर्मियों का मामला प्रमुखता से उठा

बैठक में चांडिल डिवीजन के पांच मानव दिवस कर्मियों अजय कुमार दास, विनय कुमार टुडू, सत्यवान महली, इंद्रजीत रजक और संतोष साव के लंबित भुगतान का मुद्दा विशेष रूप से उठाया गया। संघ के मुताबिक, ये सभी कर्मी लंबे समय से विभागीय कार्यों में लगे हुए हैं। इनके नाम वर्ष 2014 के मानव दिवस कर्मियों के सर्वे रिकॉर्ड में दर्ज हैं और संबंधित अधिकारियों की ओर से इनके अनुभव प्रमाण-पत्र भी जारी किए गए हैं।

संघ का आरोप है कि वर्ष 2019 से 2021 के बीच अलग-अलग कारणों से इन कर्मियों का भुगतान बंद हो गया, जबकि वे विभागीय कार्यों से जुड़े रहे। लंबे समय से पारिश्रमिक नहीं मिलने के कारण इन कर्मियों और उनके परिवारों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

अजय राय ने कहा—कर्मियों के अधिकारों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं

संघ अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में मानव दिवस कर्मियों की अहम भूमिका है। ऐसे में उनसे काम लेने के बाद वेतन और वैधानिक सुविधाओं का भुगतान नहीं होना गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि किसी भी एजेंसी को कर्मियों के मेहनताने और उनके अधिकारों की अनदेखी करने की छूट नहीं दी जा सकती। संघ ने स्पष्ट किया कि जब तक प्रभावित कर्मियों को उनका बकाया नहीं मिलता, तब तक इस मुद्दे को उठाया जाता रहेगा।

जीएम ने दिया कार्रवाई का आश्वासन

महाप्रबंधक अजीत कुमार ने कर्मियों को आश्वस्त किया कि मानव दिवस कर्मी विभाग का अभिन्न अंग हैं और उनके सम्मान तथा जायज मांगों पर ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं की समीक्षा करने और संबंधित एजेंसियों को नोटिस जारी कर समाधान की दिशा में कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि निर्देशों के बावजूद एजेंसियां अपनी जिम्मेदारियों का पालन नहीं करती हैं, तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

अजीत कुमार ने कहा कि विद्युतकर्मियों के सम्मान और उनकी जायज मांगों की अनदेखी स्वीकार्य नहीं है। अब संघ की नजर इस बात पर रहेगी कि दिए गए आश्वासन के बाद बकाया भुगतान और दूसरी समस्याओं के समाधान के लिए कितनी जल्दी कदम उठाए जाते हैं।

बकाया वेतन के साथ इन मांगों पर भी जोर

अजय राय ने कहा कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा, बल्कि समयबद्ध कार्रवाई जरूरी है। संघ ने पांचों कर्मियों का बकाया भुगतान शुरू कराने और लंबित राशि का नियमानुसार भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही, यदि उनके स्थान पर दूसरे व्यक्तियों को भुगतान किए जाने का मामला सामने आता है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग रखी गई।

संघ ने वर्ष 2017 से 2026 तक के लंबित वेतन एरियर की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति बनाने, सभी कर्मियों को ईपीएफ और ईएसआईसी का पूरा विवरण उपलब्ध कराने तथा हर महीने की 1 से 5 तारीख के बीच वेतन भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की। इसके अलावा हेल्थ इंश्योरेंस के नाम पर वेतन से की जा रही कथित वार्षिक कटौती की जांच, साप्ताहिक अवकाश और अन्य वैधानिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई।

अनुभवी कर्मियों को प्राथमिकता और JAP-IT से काम कराने का सुझाव

संघ ने मांग की कि आईटीआई योग्य और अनुभवी मानव दिवस कर्मियों को नई सीटों और कार्यस्थलों पर प्राथमिकता दी जाए। निजी एजेंसियों के माध्यम से काम कराने के दौरान वेतन और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं का हवाला देते हुए संघ ने सरकारी एजेंसी JAP-IT के माध्यम से कार्य कराने के विकल्प पर भी विचार करने की बात कही।

इसके साथ ही, संघ ने पूर्व में 26 अप्रैल 2025 को पत्रांक JUVSS/2604/25 के जरिए की गई शिकायत पर कार्रवाई की मांग दोहराई।

अजय राय ने कहा कि बिजली आपूर्ति बहाल रखने के लिए कर्मचारी कई बार कठिन परिस्थितियों में काम करते हैं और अपनी जान जोखिम में डालते हैं। ऐसे में उन्हें समय पर वेतन, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक कार्य परिस्थितियां उपलब्ध कराना जरूरी है। उन्होंने एजेंसियों की ओर से अधिकारों के उल्लंघन की स्थिति में सख्त कार्रवाई की मांग की।

बैठक में संघ के जिला अध्यक्ष राजेश सिंह राजू, सामाजिक कार्यकर्ता चंदा सिंह राजपूत और चांदनी तिवारी समेत संघ के कई पदाधिकारी, कर्मी और अन्य लोग मौजूद रहे। उपस्थित लोगों में मन्नू भगवान मिश्रा, अजय दास, उत्पल दास, कौशिक महतो, ऋषिकेश महतो, अमन कुमार, दीपक हेम्ब्रम, पंकज कुमार ठाकुर, मनोज कुमार गोप, अनुरंजन कुमार, सुनील कुमार, संतोष कुमार, कमल चंद्र महतो, अबदेश कुमार बेसरा, धनय हेम्ब्रम, राज कुमार वर्मा, राजीव कुमार, संजय दास, आशीष कुमार दास, निर्मल महतो, छोटू सिंह मुंडा, राजेश कुमार महतो, सतबीर सिंह मुंडा, सौरव, नीरज, चंदन, संतोष, सुब्रतो, रौबिन मिंज, रिंकू, राजीव मंडल, आलोक कुमार और अमित कुमार सहित सैकड़ों कर्मी शामिल थे।

संघ ने साफ किया कि पांचों कर्मियों के लंबित भुगतान समेत सभी जायज मांगों के समाधान तक यह मुद्दा लगातार उठाया जाएगा। अब देखना होगा कि विभागीय निर्देशों के बाद संबंधित एजेंसियां कितनी जल्दी कार्रवाई करती हैं और वर्षों से भुगतान की प्रतीक्षा कर रहे कर्मियों को कब तक राहत मिलती है।