
देवघर। AIIMS देवघर के दूसरे दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने नवोदित डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्यकर्मियों से अपनी शिक्षा और विशेषज्ञता का उपयोग समाज की सेवा के लिए करने की अपील की। शनिवार को आयोजित इस समारोह में 11 विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया और मेडिकल एवं नर्सिंग के विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि मेडिकल की डिग्री हासिल करना केवल शैक्षणिक उपलब्धि नहीं है, बल्कि इसके साथ समाज के प्रति एक बड़ी जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है। मरीज डॉक्टरों पर भरोसा करके उनके पास आते हैं। इस विश्वास को बनाए रखने के लिए चिकित्सा क्षेत्र में दक्षता, ईमानदारी, संवेदनशीलता और नैतिक आचरण बेहद जरूरी हैं।
उन्होंने स्नातक विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं को गांवों, आदिवासी समुदायों और दूर-दराज के इलाकों तक पहुंचाने में अपनी भूमिका निभाएं। भगवान बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हू और तिलका मांझी की धरती पर वंचित समुदायों की सेवा करना उनके योगदान के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य तभी पूरा हो सकता है, जब ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं और उच्च शिक्षा का समान अवसर मिले।
उन्होंने देश में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार का जिक्र करते हुए बताया कि वर्ष 2014 से पहले मेडिकल कॉलेजों की संख्या 387 थी, जो अब बढ़कर 846 हो गई है। इसी तरह एमबीबीएस की सीटें लगभग 51 हजार से बढ़कर 1.39 लाख तक पहुंच गई हैं।
उन्होंने बताया कि स्नातकोत्तर चिकित्सा सीटों में 177 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। देश में स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर की कुल मेडिकल सीटों की संख्या अब 2.25 लाख से अधिक हो चुकी है।
स्वास्थ्य सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), टेलीमेडिसिन, डिजिटल डायग्नोस्टिक्स और जीनोमिक्स जैसी तकनीकों की बढ़ती भूमिका पर भी उपराष्ट्रपति ने बात रखी। उन्होंने कहा कि इन आधुनिक सुविधाओं का लाभ दूरस्थ गांवों में रहने वाले लोगों तक भी पहुंचना चाहिए।
हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि तकनीक मानवीय संवेदनाओं का विकल्प नहीं बन सकती। मरीजों के उपचार में नर्सिंग और पैरामेडिकल कर्मियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि उनका धैर्य, करुणा और मरीजों के प्रति सम्मान इलाज का अभिन्न हिस्सा है।
युवाओं को संदेश देते हुए उपराष्ट्रपति ने नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और अपनी सफलता में योगदान देने वाले शिक्षकों तथा परिवार के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त करने की भी अपील की।
AIIMS देवघर के दीक्षांत समारोह में झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी, गोड्डा के सांसद निशिकांत दुबे, राज्यसभा सांसद प्रदीप वर्मा और देवघर के विधायक सुरेश पासवान शामिल हुए।
इस अवसर पर AIIMS देवघर की अध्यक्ष प्रो. एम. वी. पद्मा श्रीवास्तव और कार्यकारी निदेशक प्रो. नितिन एम. गंगाने भी उपस्थित रहे।
