
झारखंड में स्वास्थ्य योजनाओं में लापरवाही पर सख्त NHM, त्योहार से पहले टीबी मरीजों का भुगतान करने का निर्देश
झारखंड में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने सख्त रुख अपनाया है। बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को रांची के नामकुम स्थित लोक स्वास्थ्य संस्थान में सुमन रोडमैप 2030 को लेकर एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें सुरक्षित मातृत्व, नवजात शिशुओं की देखभाल और राज्य में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को न्यूनतम करने के लिए दीर्घकालिक रणनीति तैयार करने पर चर्चा हुई।
कार्यशाला में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने स्वास्थ्य अधिकारियों और जिला कार्यक्रम प्रबंधकों की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। उन्होंने टीबी मरीजों को मिलने वाली आर्थिक सहायता में देरी और स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही पर कड़ी चेतावनी दी।
त्योहार से पहले टीबी मरीजों को भुगतान करने का निर्देश
अभियान निदेशक ने निर्देश दिया कि निक्षय पोषण योजना के तहत पात्र टीबी मरीजों को मिलने वाली एक हजार रुपये की मासिक सहायता राशि का भुगतान सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। उन्होंने कहा कि त्योहार से पहले सभी लंबित भुगतानों को हर हाल में पूरा किया जाना चाहिए, ताकि मरीजों को आर्थिक सहायता के लिए इंतजार न करना पड़े।
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि केवल काम पूरा होने का दावा करना पर्याप्त नहीं है। योजनाओं का असर जमीनी स्तर पर दिखना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही और कामकाज में शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
2030 तक सुरक्षित मातृत्व और नवजात देखभाल पर जोर
कार्यशाला में सुमन रोडमैप 2030 के तहत राज्य की गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की रणनीति साझा की गई। इसका उद्देश्य मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करना और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को बेहतर बनाना है।
इसके अलावा राज्य में टीबी और कुष्ठ रोग के उन्मूलन के लिए विशेष अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया। नियमित टीकाकरण को प्रभावी बनाने, यू-विन पोर्टल पर टीकाकरण से जुड़ी जानकारियां दर्ज करने और स्वास्थ्य योजनाओं की निगरानी मजबूत करने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
मानदेय और सहिया प्रोत्साहन राशि के भुगतान पर भी निर्देश
बैठक में एनएचएम कर्मियों के मानदेय, सहिया प्रोत्साहन राशि और टीबी मरीजों के लंबित भुगतानों को समय पर पूरा करने का मुद्दा उठाया गया। अभियान निदेशक ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी जिम्मेदारी के साथ काम करें, तो निर्धारित लक्ष्यों को एक से दो वर्षों में हासिल किया जा सकता है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए।
कार्यशाला में राज्य प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. अश्विनी, आईईसी के राज्य नोडल पदाधिकारी डॉ. राहुल किशोर सिंह, राज्य यक्ष्मा नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. कमलेश, डॉ. विजय किशोर रजक, डॉ. प्रभात और डॉ. पुष्पा सहित अन्य अधिकारियों ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न जिलों से आए डीआरसीएचओ, चिकित्सा पदाधिकारी, स्वास्थ्य विशेषज्ञ, जिला एवं प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक और स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।